हापुड़। अखिल भारत हिंदू महासभा द्वारा रविवार को आर्य समाज मंदिर में दीपावली मिलन समारोह और विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें आसपास के क्षेत्रों से आए कवियों ने अपनी रचनाएं सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। खुर्जा से आई कवियत्री पूनम अदा ने ‘नहीं जरूरत आज देश को सीरी और फरहाद की, माता मंगल पाण्डेय जैसी हमको पुन: जवानी दे दे...’ सुनाकर सबको देशभक्ति के रंग में रंग दिया। मेरठ से आए कवि एवं गीतकार चंद्रशेखर मयूर ने दीपावली के त्योहार के मद्देनजर अपनी रचना ‘मानवता का मोती दमके, तन को ऐसा सीप बना लो, जो अंदर का तिमिर मिटा दे, मन को ऐसा दीप बना लो...’ सुनाई। आराधना वाजपेयी ने ‘प्यार के दीप मन में जला लो प्रिये, ये है दीपों के उत्सव का शुभ आगमन आओ बैठो मेरे पास देखो जरा रात काली बनी है विधु की किरन...’ सुनाकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
मंच संचालक अनिल वाजपेयी ने ‘जहां दोस्तों की दोस्ती का मान होता है, नारियों की कद्र और सम्मान होता है, जहां पूजते हैं हम बड़ों को देवतुल्य सा, उस घर के कोने-कोने में भगवान होता है...’ से तालियों की गड़गड़ाहट प्राप्त की। गीतकार महावीर वर्मा मधुर ने ‘कितने पीड़ित प्रह्लाद यहां, अब इनको कौन बताता है, कौन किसी की खातिर अब, सीने पर गोली खाता है...’ पटियाली एटा से पधारे कवि लंकेश ने अपनी रचना ‘इनका न कोई माजी, न कोई चलन है, गांधी का नहीं अब ये लुटेरों का वतन...’, मेरठ के कवि प्रशांत दीक्षित ने ‘होने देंगे न हरगिज वतन का पतन, जान जाए तो जाए कोई गम नहीं...’ सिंभावली के कवि राम आसरे गोयल ने ‘पटेल को नेहरू जी दो दिन का और समय देते, मानचित्र से वो पाक का नामोनिशां मिटा देते...’ सुनाकर सबका ध्यान आकर्षित किया। इसके अलावा मधु मित्तल और राजकुमार शिशौदिया ने भी काव्यपाठ किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक गजराज सिंह रहे। इसके अलावा पालिकाध्यक्ष मालती देवी, नवरतन त्यागी, चंद्रप्रकाश कौशिक, मुन्ना शर्मा, राजकुमार त्यागी, डा. दीपक त्यागी, आनंद प्रकाश आर्य, विकास अग्रवाल, ज्ञानचंद शर्मा आदि मौजूद रहे।