हत्यारोपियों को फांसी दिलाने की मांग, असौड़ा से जुलूस के रूप में निकले ग्रामीण
हापुड़। निखिल त्यागी हत्याकांड में पुलिस के खिलाफ बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए। भीड़ ने आरोपियों पर एनएसए की कार्रवाई कर फांसी की सजा दिलाने, मुख्य आरोपी के पिता का शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने, सांठगांठ करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाजी की। जुलूस के रूप में प्रदर्शनकारी एसपी आवास, कार्यालय, कचहरी और डीएम ऑफिस पहुंचे। डीएम का घेराव करते हुए लोगों ने हत्यारोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। डीएम ने एक सप्ताह में कार्रवाई का आश्वासन दिया।
21 अगस्त की शाम एसपी आवास के पास निखिल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस से सांठगांठ कर दोनों हत्यारोपियों को सुविधाओं के साथ पेश कराया गया। हत्या में मुख्य आरोपी अनुराग उर्फ अन्नू त्यागी के पिता बार एसोसिएशन के सचिव केशव त्यागी की पिस्टल का इस्तेमाल किया गया। लेकिन पुलिस ने पिस्टल बदल दी। मांग की गई कि केशव त्यागी का शस्त्र लाइसेंस निरस्त किया जाए और पिस्टल को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाए ताकि सही तथ्य सामने आ सके। इसके बाद ग्रामीण डीएम कार्यालय पहुंचे और वहां पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। डीएम ने मृतक के परिजनों को आश्वासन दिया कि मृतक के परिजनों को हर हाल में न्याय दिलाया जाएगा। केशव त्यागी की पिस्टल को फोरेंसिक जांच के लिए भिजवाया जा रहा है। इस आश्वासन के बाद ग्रामीण एसपी कार्यालय पर पहुंचे और वहां भी नारेबाजी की लेकिन वहां एसपी नहीं मिले।
बच्चे के साथ बिलखती रही भावना ःप्रदर्शन के दौरान मृतक निखिल की पत्नी भावना आठ माह के मासूम बेटे के साथ रोते-बिलखते मौजूद थी। उसने अफसरों से पति के हत्यारों को फांसी की सजा दिलाने की गुहार लगाई।
थाना प्रभारी निरीक्षक के खिलाफ नारेबाजी
भीड़ कप्तान के आवास के बाहर पहुंची। प्रदर्शनकारियों ने जैसे ही वहां थाना प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र यादव और केशवनगर चौकी प्रभारी कमल सिंह को देखा उनके खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इससे थाना प्रभारी निरीक्षक भी एक बार गुस्से में आए लेकिन भीड़ के आक्रोश को देखकर शांत हो गए।
असौड़ा से डीएम के कार्यालय तक पैदल पहुंचे लोग
निखिल त्यागी हत्याकांड को लेकर असौड़ा की जनता में गहरा आक्रोश है। बृहस्पतिवार को सैकड़ों महिलाएं और पुरुष पैदल ही असौड़ा से चलकर एसपी निवास, कचहरी होते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। इनमें बड़ी संख्या में बुजुर्ग महिलाएं भी शामिल थीं। ग्रामीणों में सबसे ज्यादा गुस्सा इस बात को लेकर था कि वह तीसरी बार कप्तान से मिलने उनके आवास और दफ्तर पर गये लेकिन कप्तान ने मिलना जरूरी नहीं समझा।
साइलो प्रथम चौकी प्रभारी निलंबित
निखिल त्यागी हत्याकांड में लापरवाही बरतने के आरोप में साइलो प्रथम चौकी प्रभारी गणेशी लाल को निलंबित कर दिया गया है। कप्तान अब्दुल हमीद ने बताया कि चौकी प्रभारी सही ढंग से कार्य करते तो शायद हत्याकांड नहीं होता। हत्याकांड के बाद भी चौकी प्रभारी ने त्वरित कार्रवाई नहीं की। इसलिए चौकी प्रभारी को निलंबित किया गया। एसपी ने बताया कि वारदात के समय उनके आवास के बाहर कौन-कौन सिपाही हथियारों के साथ खड़े थे, उनकी जांच की जा रही है।