शासन की ओर से शहर के लोगों की प्यास बुझाने के लिए 700 सौ हैंडपंप लगाए जाएंगे। फिलहाल 350 हैंडपंपों के लिए प्रदेश सरकार ने 1.5 करोड रुपये जारी कर दिए हैं। 15 दिन के अंदर चिन्हित स्थानों पर हैंडपंप लगाने का काम शुरू हो जाएगा।
यह सभी हैंडपंप जिले के विधायक और एमएलसी कोटे से लगाए जाएंगे। दरअसल, अगस्त माह लगभग बीत चुका है लेकिन अब भी उमस भरी गर्मी में शहर और गांवों में पेयजल की किल्लत है। अधिकतर नल दूषित पानी उगल रहे हैं।
पेयजल व्यवस्था सुचारु कराने के लिए शासन ने विधायकों को 100 हैंडपंप नए और 100 हैंडपंप रिबोर कराने के लिए फंड जारी किया है। जिले में तीन विधानसभा सीट हैं। यहां के माननीय 300 नए हैंडपंप और 300 खराब पड़े हैंडपंप दुरुस्त करा सकेंगे।
विधान परिषद सदस्य भी अपने कोटे से 100 हैंडपंप यहां लगवा सकते हैं। ऐसे में कुल 700 हैंडपंप जिले में लगाने के लिए जगहों को चन्हित कर लिया गया है। शासन ने फिलहाल 350 हैंडपंपों के लिए 1.5 करोड़ रुपये का फंड जारी कर दिया है।
बाकी का बजट भी अगले कुछ दिनों में जारी कर दिया जाएगा। अगले 15 दिनों में नल लगाए जाने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। इन हैंडपंपों के लगने से लोगों को स्वच्छ पानी मिल सकेगा। देहात अंचलों में रहने वाले लोगों को इसका सबसे अधिक लाभ मिलेगा।
जल निगम के अधिशासी अभियंता संजय जैन का कहना है कि नए व रिबोर होने के लिए 350 हैंडपंप की डेढ़ करोड़ रुपये विभाग के खातों में आ गए हैं। बाकी भी जल्द आने की उम्मीद है। डिमांड के हिसाब से स्थान चिन्हित कर हैंडपंप लगाए जाने का काम भी जल्द शुरू हो जाएगा।