गिर रहे भू जलस्तर को सुधारने के लिए भूमि संरक्षण विभाग खेत तालाब योजना के तहत जिले में 67 तालाब खुदवाएगा। उम्मीद है कि डार्क जोन की श्रेणी में शुमार जिले के तीन ब्लॉकों के लिए यह योजना संजीवनी साबित होगी।
इस योजना की मुख्य बात यह है कि इन तालाबों को अपने खेत में खुदवाने पर किसानों को 50 फीसदी का अनुदान मिलेगा। इससे मत्सय पालन में इजाफा होने की उम्मीद है। दरअसल, हापुड़, सिंभावली, गढ़मुक्तेश्वर विकास खंड में भू जलस्तर तेजी से गिर रहा है।
जल संरक्षण विभाग की टीम ने रिसर्च के बाद इन ब्लॉक को डार्क जोन की श्रेणी में डाल रखा है। इनमें सबसे खराब हालत सिंभावली की है, जिसे अति दोहन की श्रेणी में रखा गया है।
शासन ने जिले की रिपोर्ट का आंकलन कर भूमि संरक्षण विभाग को वाटर रिचार्ज व जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने का फैसला लिया है। खेत तालाब योजना के तहत जिलेभर में 67 तालाब खोदे जाएंगे।
डार्क जोन क्षेत्र को वरीयता दी जाएगी। मुख्य बात यह है कि किसान अपनी बंजर पड़ी जमीन पर तालाब खुदवाकर मत्सय पालन व्यवसाय को अपना सकते हैं। इसके लिए किसान को 20×22 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में एक तालाब बनेगा।
एक तालाब पर 1.05 लाख रुपये खर्च की राशि निर्धारित की गई है। किसान को सिर्फ इसका आधा पैसा अपनी जेब से लगाना होगा। शेष पैसा विभाग वहन करेगा।
भूमि संरक्षण अधिकारी राजित राम वर्मा का कहना है कि यह योजना जिले में लागू कर दी गई है। इच्छुक किसान विभाग में आवेदन कर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। मत्सय पालन के इच्छुक किसानों को इसका दोगुना लाभ मिलेगा। जलस्तर में भी तेजी से सुधार होगा।