किसान से सुविधा शुल्क मांगने पर लेखपाल निलंबित
हापुड़। किसान से पचास हजार रुपये सुविधा शुल्क मांगना एक लेखपाल को महंगा पड़ गया है। एसडीएम की जांच में आरोप सिद्ध होने पर लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है।
गांव ततारपुर निवासी सतीश चंद ने डीएम को शिकायती पत्र देकर बताया कि उसकी भूमि ग्राम पटना एवं ततारपुर में है। जिसमें वह सहखातेदार के रूप में खेती करता है। 12 जुलाई 2018 को उपजिलाधिकारी द्वारा कुर्रे दाखिल करने के आदेश पारित किए गए तथा 5 दिसंबर को न्यायालय अपर आयुक्त प्रशासन तृतीय द्वारा भी उन्हीं कुर्रों को मान्य किया गया, जिसके उपरांत उपजिलाधिकारी ने इस मामले में परवाना दाखिल किया जो वर्तमान में लेखपाल साबिर हसन के पास है। उन्होंने बताया कि लेखपाल से दखल दिलाने के लिए कहा गया तो लेखपाल द्वारा कार्य नहीं किया गया और परेशान किया गया। लेखपाल से दो जनवरी को फिर से बातचीत हुई। लेखपाल ने मौका देखने के लिए किसान से खर्चे की मांग की और पांच सौ रुपये दावत के ले लिए। मौका देखने के बाद भी कार्य नहीं किया। लेखपाल ने कुर्रे निरस्त करने की धमकी दी और दखल दिलाने के पचास हजार रुपये मांगे। इस मामले में किसान की शिकायत पर जिलाधिकारी अदिति सिंह ने एसडीएम सदर को जांच के निर्देश दिए। एसडीएम सदर ने पीड़ित से मामले की जानकारी ली, किसान ने बातचीत की सीडी भी दी। एसडीएम सत्यप्रकाश ने बताया कि लेखपाल साबिर हसन को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले की जांच तहसीलदार न्यायिक पल्लवी सिंह को सौंपी गई है।