हापुड़। बार-बार नोटिस भेजने के बाद भी ऑटो के परमिट का नवीनीकरण न कराने पर कार्रवाई की गई है। मंडलायुक्त भानू चंद्र गोस्वामी की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद जिले के 5295 ऑटो के परमिट निरस्त कर दिए गए हैं। इसके बाद अब इन ऑटो का संचालन करने पर इन्हें सीज किया जाएगा। बिना फिटनेस के संचालित होने वाले इन ऑटो के कारण लोगों की जान को भी खतरा है।
बुधवार को मेरठ में संभागीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) गाजियाबाद की बैठक मंडलायुक्त भानू चंद्र गोस्वामी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में 5295 ऑटो बिना परमिट के संचालित हो रहे हैं। इन्हें बार-बार नोटिस भेजने के बाद भी परमिट का नवीनीकरण नहीं कराया गया है। इससे राजस्व का नुकसान भी हो रहा है। साथ ही ऑडिट में भी आपत्ति दर्ज हुई है। इन ऑटो में यात्रा करने वाले यात्रियों की जान को भी खतरा बना हुआ है। इस पर मंडलायुक्त ने परमिट निरस्त करने के आदेश दिए।
मामले में एआरटीओ प्रशासन छवि सिंह चौहान ने बताया कि मंडलायुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में नवीनीकरण न कराने वाले ऑटो के परमिट निरस्त करने की कार्रवाई आदेश के बाद शुरू की गई है। विभागीय ऑडिट में भी इस पर आपत्ति दर्ज कराई गई थी। इसके अलावा राजस्व की हानि भी हो रही थी।
ऑटो में लेकर जाते हैं अधिक सवारी
नियमानुसार ऑटो के अंदर एक बार में तीन सवारी लेकर चल सकते हैं, लेकिन जनपद में संचालित ऑटो के अंदर चार सवारी पीछे और चालक सहित तीन सवारी आगे बैठी रहती हैं। इससे लोगों की जान को भी खतरा रहता है। हालांकि, पहले कई बार सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इससे लोगों को गंभीर चोट भी लग चुकी हैं। ऐसे में इन ऑटो के विरुद्ध कार्रवाई आवश्यक होनी चाहिए।