संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर शुक्रवार को डायट परिसर में कैंप लगाया गया। इसमें 309 शिक्षकों ने ऑनलाइन उपस्थिति की असहमति दी। अधिकारियों ने स्कूलों में पहुंचकर शिक्षकों को समझाया, कुछ शिक्षकों के टैबलेट चालू कराकर हाजिरी भी लगवायी।
कैंप में पहुंचे शिक्षकों ने कहा कि पहले इस प्रक्रिया को उनकी उचित मांगों को मानकर व्यवहारिक बनाया जाए। इके बाद ही ऑनलाइन हाजिरी संबंधी प्रक्रिया अमल में लायी जाए। दो दिन में 642 शिक्षकों ने असहमति दी। शिक्षको के इस मत को देखते हुए उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ विकास क्षेत्र-हापुड़ की कार्यकारिणी संघर्ष समिति एवं तहसील प्रभारी द्वारा सर्वसम्मति से उपस्थिति के डिजिटलाइजेशन से असहमति का प्रस्ताव पारित कर जिलाध्यक्ष एवं जिला मंत्री को भेजा गया है।
प्रस्ताव में शिक्षकों को बेसिक शिक्षा के अधिकारियों/ कर्मचारियों की तरह वर्ष में 31 ईएल 15 अद्र्ध अवकाश, दूसरे शनिवार का अवकाश, निशुल्क चिकित्सा सुविधा, उपस्थिति के डिजिटलाइजेशन में आने वाली समस्याओं को लेकर शिक्षक संघ के साथ वार्ता कर व्यवहारिक बनाये जाने की मांग की गयी।
वहीं, बीएसए समेत अधिकारियों ने विभिन्न स्कूलों में निरीक्षण कर, 12 पंजिकाओं का डिजिटिलाइजेशन करने और एमडीएम व छात्रों की उपस्थिति शत प्रतिशत लगाने, शिक्षकों से भी उपस्थिति लगाने को कहा। कुछ शिक्षक फोन से ही पोर्टल चला रहे थे, जिन्हें टैबलेट से चलवाया गया।
वहीं, उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के मंत्री नीरज चौधरी ने बताया कि शिक्षकों ने ऑनलाइन हाजिरी की असहमति दी है, शनिवार को बैठक में संघर्ष की आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।