पीने के पानी की समस्या से जूझ रहे काली नदी के आसपास बसे दो दर्जन गांवों के वाशिंदों के लिए खुशखबरी। अब यहां के ग्रामीणों को ज्यादा दिन दूषित पानी नहीं पीना पड़ेगा। जल निगम ने 21 गांवों में पानी की टंकी बनाने व पाइप लाइन बिछाने के लिए 30 करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार की है।
जानकारी मिली है कि शासन से इसे हरी झंडी मिल गई है। जल निगम के अफसरों का दावा है कि जल्द गांवों में काम शुरू कराया जाएगा। मेरठ से निकलकर हापुड़ होकर बहने वाली काली नदी के आसपास बसे दो दर्जन गांवों का भूगर्भ जलस्तर काफी प्रदूषित है।
इसके चलते गांवों में लगे हैंडपंपों से भी दूषित पानी आ रहा है। इससे लोग तरह-तरह की बीमारियों की भी चपेट में आते रहते हैं। गांव वाले अरसे से इस समस्या से निजात दिलाने की मांग उठा रहे हैं। ग्रामीणों की माने तो पानी की टंकी बनाने व पाइप लाइन बिछाने की भी मांग तमाम मर्तबा उठाई जा चुकी है।
ग्रामीणों की समस्या सुलटाने के मद्देनजर जल निगम के अफसरों ने जिले के 21 गांवों में पानी की टंकी बनाने और पाइप लाइन बिछाने के लिए कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजी थी। शासन ने 21 गांवों में पानी की टंकी बनाने को हरी झंडी दे दी है।
इसके बाद जल निगम के अफसरों ने नक्शा आदि बनाने का काम शुरू कर दिया है। जल निगम के अधिशासी अभियंता एसके जैन ने बताया कि गांव सरावनी, सलारपुर, डेहरा, कुराना, पलवाड़ा, रझैड़ा, मौजम्मपुर, ट्याला, आरिफपुर मढ़ैय्या, बझैड़ा कलां,
शेखपुर सहित कुल 21 गांवों का चयन किया गया है। इन गांवों में पानी की टंकी और पाइप लाइन बिछाने का काम किया जाएगा। सबसे पहले उन गांवों में काम शुरू होगा, जहां सबसे ज्यादा दिक्कत पानी की आ रही है। कुल 30 करोड़ रुपये की लागत से यह काम किया जाएगा।