ग्राम पंचायत चुनाव की मतगणना के बाद आने वाले नतीजे चौंका रहे हैं। धौलाना ब्लॉक में 21 प्रत्याशियों ने खुद वोट नहीं दिया। इन प्रत्याशियों को एक भी वोट नहीं मिला है।
इनमें सबसे ज्यादा तीन प्रत्याशी गांव तिसौली खेड़ा के हैं। वहीं कुल मतों का 20 फीसदी वोट भी न मिलने के कारण 325 प्रत्याशियोें की जमानत जब्त हो गई।
ग्राम पंचायत चुनाव के बाद हुई मतगणना में 55 ग्राम प्रधान चुने गए। एक प्रधान निर्विरोध निर्वाचित हुआ। धौलाना ब्लॉक में 21 प्रत्याशी ऐसे हैं, जिन्होंने खुद को भी अपना वोट नहीं दिया। गांव तिसौली खेड़ा से रजनी, मंजू और सरोज शामिल हैं।
इसी क्रम में करीमपुर भाईपुर में प्रत्याशी कमलेश और मीनू, शेखपुर खिचरा में अज्जन और फक्क्रो, सिवाया में अमित, नारायणपुर में अननो, समाना में कुंवरपाल, बझेड़ा कला में अमरु, भूडिया में दिशा, भावा में रजनी, सिखेड़ा में आयशा, मदापुर में रेशमा, ककराना में शोभा, हावल में ताहिर, सुखदेवपुर में सुनील, देहरा में शायबा, पिपलेडा में नाजिया और खैरपुर खैराबाद में लोकेश ने खुद को वोट नहीं दी। 325 प्रत्याशी अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए।
निर्वाचन अधिकारी राजित राम ने बताया कि 21 प्रत्याशियों का खाता नहीं खुल सका है। जो जीत दर्ज कर प्रधान बने हैं, वह 20 दिसंबर को सत्ता संभालेंगे। 26 दिसंबर को चुने गये ग्राम प्रधानों की पहली बैठक ब्लॉक सभागार में आयोजित होगी।