जिले के 26 सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीदा जाएगा किसानों का गेहूं
हापुड़। जिले के 26 क्रय केंद्रों पर इस बार किसानों का गेहूं 1860 रुपये/क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा, विगत वर्ष के मुकाबले इस बार शासन ने गेहूं के दाम में 115 रुपये/क्विंटल की दर से इजाफा किया है। किसानों को पैसा 48 घंटे के अंदर आरटीजीएस के माध्यम से सीधे बैंक खातों में दिया जाएगा। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जल्द ही जिले को लक्ष्य भी आवंटित हो जाएगा।
जिले में बड़े पैमाने पर गेहूं की खेती की जाती है। गेहूं तैयार होने पर बिचौलिया सक्रिय हो जाते हैं, जो किसानों का गेहूं कम दामों पर खरीदकर अच्छा मुनाफा कमाते हैं। ऐसे में किसानों को कम दाम मिलने के कारण लागत मूल्य निकाल पाना भी मुश्किल हो जाता है।
इतना ही नहीं बाजारों में भी किसानों का शोषण होता है। इस समस्या से निजात दिलाने को शासन ने जिले के 26 क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद की बिक्री कराने का निर्णय लिया है। केंद्र निर्धारित कर, गेहूं का रेट भी घोषित कर दिया गया है।
इस वर्ष सभी 26 क्रय केंद्रों पर किसानों का गेहूं 1840 रुपये/क्विंटल व 20 रुपये अतिरिक्त के हिसाब से कुल 1860 रुपये/क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा। बता दें कि बीते वर्ष किसानों का गेहूं 1745 रुपये/क्विंटल की दर से खरीदा गया था। इस वर्ष शासन ने 115 रुपये/क्विंटल की दर से बढ़ोत्तरी की है।
रजिस्ट्रेशन शुरू, सजग रहे किसान
गेहूं बिक्री करने से पहले किसानों को जन सेवा केंद्रों पर जाकर एफसीएस.यूपी.जीओवी.एनआईसी वेब पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा, इसके बाद ही किसान क्रय केंद्रों पर गेहूं की बिक्री कर सकेंगे।
-यह बनाए गए हैं केंद्र-
पीसीएफ के हापुड़ में ग्राम दोयमी, चमरी, बदनौली, डहाना, मीरपुर कलां, मोरपुर भटियाना, धौलाना में ग्राम खेड़ा तिसौली, धौलाना, आमजमपुर दहपा, हसनपुर, समाना, गढ़मुकतेश्वर में झड़ीना, डहरा, देवली, भदस्याना, नवादा, पलवाड़ा, सिंभावली में ग्राम पलवाड़ा, बक्सर, गोहरा, खाद्य विपणन विभाग का हापुड़ मंडी, धौलाना, गढ़ मंडी, सिंभावली में उपैड़ा, एफसीआई का एक केंद्र गढ़ मंडी में बनाया गया है।
-अधिकारी कहिन-
जिला खाद्य विपणन अधिकारी सुरेश यादव ने बताया कि सभी केन्द्र गेहूं खरीद के लिए तैयार कर दिए गए हैं। गेहूं का रेट 1860 रुपये कुंतल हैं, जो बीते वर्ष के मुकाबले 115 रुपये अधिक है। खरीद का लक्ष्य जल्द ही मिल जाएगा। उन्होंने बताया कि केंद्रों पर किसानों के बैठने व पानी आदि की उचित व्यवस्था की गई है।