सिंभावली ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ एक बार फिर अविश्वास प्रस्ताव
हापुड़। सिंभावली ब्लॉक प्रमुख रविंद्र यादव के खिलाफ एक बार फिर क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने बहुमत का दावा करते हुए डीएम को अविश्वास प्रस्ताव सौंपा है। इससे पहले सौंपे गए प्रस्ताव को डीएम ने अपूर्ण बताते हुए खारिज कर दिया था। अब डीएम ने अविश्वास प्रस्ताव की जांच एडीओ पंचायत को सौंपी है।
मंगलवार को पूर्व सपा नेता सतपाल यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में क्षेत्र पंचायत सदस्य नगर पालिका सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे। क्षेत्र पंचायत सदस्य संजीव, अरविंद गुर्जर, शहादत अली और वेदपाल गुर्जर अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बहुमत का दावा करते हुए वर्तमान ब्लॉक प्रमुख रविंद्र यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव डीएम अदिति सिंह को सौंपा। इनका दावा था कि कुल 101 क्षेत्र पंचायत सदस्यों में से 59 सदस्यों का अविश्वास प्रस्ताव को समर्थन हासिल है और सभी के अविश्वास प्रस्ताव के शपथ पत्र हस्ताक्षर सहित नियमानुसार संलग्न किए गए हैं।
जिलाधिकारी अदिति सिंह ने एडीओ पंचायत आलोक सिन्हा को अविश्वास प्रस्ताव पर सदस्यों के हस्ताक्षरों की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने कहा कि सभी शपथ पत्रों की जांच कर दो दिन के अंदर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
इससे पहले भी पांच अक्तूबर को अविश्वास प्रस्ताव डीएम को सौंपा गया था, लेकिन शपथ पत्रों में कमी पाए जाने और बीडीसी सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं होने के कारण उसे निरस्त कर दिया गया था। डीएम ने निर्देशित किया था कि अगर वह चाहें तो फिर से अविश्वास प्रस्ताव दे सकते हैं।
जिलाधिकारी को अविश्वास प्रस्ताव सौंपे जाने के समय सतपाल यादव, देवेंद्र प्रधान, नवीन पंडित, दीपक चौधरी, इश्ते प्रधान, सतव्वर, बबलू, दुष्यंत यादव, वीरेंद्र प्रधान, राकेंद्र, मुनेश शर्मा और संजय खइया आदि उपस्थित थे। सतपाल यादव ने साफ कहा है कि रविंद्र यादव सपा के टिकट पर ब्लॉक प्रमुख का चुनाव जीते थे। तब उन्हें तमाम सपाइयों ने समर्थन दिया था। अब वह अपनी कुर्सी बचाने के लिए भाजपा की गोद में बैठ गए हैं। इसके बावजूद वह अपनी हार होने से नहीं बचा सकते। उल्लेखनीय है कि विगत दिनों भाजपा नेताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया था।