देश में अभी भी चल रही सिर पर मैला ढोने की प्रथा : मंजू दिलेर
हापुड़। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्य मंजू दिलेर ने कहा कि अभी भी देश के कई राज्यों में महिलाएं मैला ढोने का कार्य कर रही हैं, जो दुखद है। केंद्र सरकार ने सफाई कर्मचारियों के कल्याण के लिए स्वच्छकार मुक्ति योजना संचालित की है। जिसमें पात्रों को समाज कल्याण विभाग द्वारा 40 हजार रुपये की धनराशि दी जाती है। इसका लाभ पात्रों को दिलाया जाए। उन्होंने नगर पालिका परिषद को आउट सोर्सिंग सफाई कर्मचारियों को लेबर एक्ट के तहत मानदेय का भुगतान करने के निर्देश दिए।
शनिवार को मंजू दिलेर मेरठ रोड स्थित सिंचाई विभाग के गेस्ट के सभागार में अधिशासी अधिकारी व सफाई कर्मचारियों को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि स्वच्छकार मुक्ति योजना का लाभ लेने के लिए लोगों ने आवेदन किया। लेकिन नगर पालिका द्वारा आवेदन फार्मों को निरस्त कर दिया, शासन को रिपोर्ट भेज दी, कि उनके यहां कोई मैला ढोने का कार्य नहीं करता है।
उन्होंने कहा कि हापुड़ के मोहल्ला सिकन्दरगेट, निवाजीपुरा, रफीक नगर व पिलखुवा में मोहल्ला शुक्लान में महिलाएं आज भी मैला ढोने का कार्य करती हैं। जबकि जिस क्षेत्र में मैला ढोने का मामला प्रकाश में आने पर संबधित अधिकारी के खिलाफ एफआईआर कराने का प्रावधान है। देश में उत्तर प्रदेश सहित 12 राज्यों में मैला ढोने का कार्य चल रहा है। उत्तर प्रदेश में हापुड़ सहित 47 जनपदों में उक्त कार्य को अंजाम दिया जा रहा है।
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्य मंजू दिलेर ने अधिकारियों को निर्देशित किया, कि वह मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छकार मुक्ति योजना, शिक्षा का अधिकार अधिनियम योजना का पात्रों को लाभ दिलाये। इसके बाद उन्होंने मलिन बस्तियों का निरीक्षण किया।
इस अवसर पर सीएमओ डा.राजवीर सिंह, ईओ जितेन्द्र कुमार आनंद, विकास कुमार, नमिता चौधरी, ललित खलीफा, ललित बाबा, विमल, अजीत हांडा, प्रमोद, अमरदीप आदि उपस्थित थे।