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जे.ई. ने 51 हजार रुपये लेकर खिंचवा दी नलकूप की लाइन

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जे.ई. ने 51 हजार रुपये लेकर खिंचवा दी नलकूप की लाइन
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हापुड़। धीरखेड़ा बिजलीघर पर तैनात एक जेई ने नया गांव निवासी दलित किसान से 51 हजार रुपये ऐंठ कर बिना एस्टीमेट बनाए उसके खेत पर 30 मीटर की एलटी लाइन खींच दी, बार बार रसीद मांगने पर उसे झांसा दिया जाता रहा। लेकिन जैसे ही उक्त जेई का तबादला हुआ, नए जेई ने चार्ज लेते ही किसान के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। गरीबी, तंगी से जूझ रहा किसान न्याय के लिए अफसरों के चक्कर लगा रहा है।
देहात अंचल के बिजलीघर पर दलालों का एक छत्र राज चल रहा है, जो पूरे दिन लोगों पर अनावश्यक दबाव बनाते रहते हैं, यह सब बिजलीघर पर तैनात आला अफसरों की सह पर होता है।
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आरोप है कि कुछ महीने पूर्व नया गांव निवासी ज्ञान सिंह के खेत पर धीरखेड़ा बिजलीघर पर तैनात तत्कालीन अवर अभियंता ने बिना विभागीय कार्रवाई किए ही 51 हजार रुपये लेकर नलकूप पर 30 मीटर एलटी लाइन ंखिंचवा दी थी। किसान ने रसीद मांगी तो उसे आज कल आने की बात कह झांसा दिया जाता रहा।
करीब तीन महीने पूर्व अवर अभियंता का चार्ज उक्त बिजलीघर से हट गया। नए जेई के आने पर क्षेत्र में बिजली चोरी रोकने का अभियान चलाया गया, इस दौरान ज्ञान सिंह के खेत पर पहुंचे निगम कर्मचारियों ने लाइन को अवैध बता उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई। जबकि किसान जेई को पैसे दिए जाने की बात कहता रहा।

-सिर्फ संविदा कर्मियों पर ही कार्रवाई करते हैं अफसर-
बिजली निगम में तैनात अधिकारी ही क्षेत्र में बिजली चोरी के नाम पर लोगों का शोषण संविदा कर्मियों से कराते हैं। बीते दिनों 13 संविदा कर्मियों की संविदा अनियमितता बरते जाने पर समाप्त कर, उन्हें ब्लैक लिस्ट कर दिया गया था। जबकि इसी मामले में संलिप्त सरकारी कर्मचारी का सिर्फ तबादला किया गया।

-बिना जांच कराए किसान पर की एफआईआर
नया गांव निवासी ज्ञान सिंह के खेत पर एलटी लाइन निगम कर्मचारियों ने ही खींची थी। इसके एवज में किसान ने 51 हजार रुपये देने की बात कही। लेकिन निगम अफसरों ने प्रकरण की जांच कराए बगैर ही किसान के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी।

-20 हजार रुपये देता तो नहीं होती एफआईआर-
पीड़ित किसान ज्ञान सिंह ने बताया कि एफआईआर दर्ज कराने से पूर्व बीते 15 दिन से धीरखेड़ा बिजलीघर पर तैनात एक संविदा कर्मचारी उनसे 20 हजार रुपये की मांग कर रहा था। जबकि वह जेई द्वारा कनेक्शन दिए जाने की बात कहकर बेफिक्र था। लेकिन और सुविधा शुल्क न दिए जाने पर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई।
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अधिशासी अभियंता सुनील कुमार का कहना है कि मामला काफी गंभीर है। इसकी जांच करायी जाएगी, किसान के साथ अन्याय नहीं होगा, जांच में जो दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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