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Hapur News: 109 करोड़ की योजना को मिली अनुमति, डेढ़ लाख शहरवासियों की बुझेगी प्यास

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हापुड़। जल निगम नगरीय की पुनर्गठन अमृत योजना-2.0 को केंद्र सरकार से भी अनुमति मिलने के बाद अब 109 करोड़ रुपये का टेंडर निकाला गया है। योजना के तहत शहर के करीब 120 मोहल्लों में 253 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन बिछाई जाएगी। इसके अलावा ओवरहेड टैंक, ट्यूबवेल, पंप हाउस बनाए जाएंगे। इससे शहर की करीब डेढ़ लाख की आबादी की पेयजल से संबंधित समस्या दूर होगी।
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शहर के तहसील चौराहे से लेकर गढ़ रोड के मोहल्लों में नगर पालिका की करीब 30 साल पुरानी पेयजल लाइन बिछी हुई है। इन मोहल्लों में अब कई मंजिला ऊंचे भवन बन चुके हैं। पुरानी पेयजल लाइन होने के कारण प्रेशर बहुत कम हो चुका है। यहां तक कि लीकेज की समस्या बहुत अधिक है। इस कारण कई बार पानी की टंकी से प्रदूषित पेयजल की आपूर्ति भी होती है। लगातार शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान न होने के बाद लोगों ने सबमर्सिबल लगा लिए थे।
वहीं, प्रदूषित पेयजल पीने से लोग बीमार पड़ रहे थे। लोगों की इन समस्याओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने जल निगम नगरीय की पुनर्गठन अमृत योजना-2.0 के तहत प्रस्ताव मांगे थे। करीब एक वर्ष से प्रस्ताव पर काम चल रहा था। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद अब टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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चार मंजिला भवनों तक भी आसानी से पहुंच सकेगा पानी
केंद्र सरकार की अमृत योजना की गाइडलाइन कहती है कि पानी का प्रेशर कम से कम ऐसा हो कि चार मंजिला भवन तक यह आसानी से पहुंच सके। इसके अलावा ओवरहेड टैंक की ऊंचाई 25 मीटर होनी चाहिए। पानी की पाइपलाइन की चौड़ाई भी अब बढ़ाई जाएगी।


इन मोहल्लों में डाली जाएगी नई पेयजल लाइन

मोहल्ला रघुवीरगंज, गंगापुरा, जवाहर गंज, आर्य नगर, गीता कॉलोनी, राधिका बिहार, विवेक बिहार, कलक्टर गंज, श्रीनगर, शिवपुरी, रेवती कुंज, पटेल नगर, सीता गंज, देवलोक कॉलोनी, रामगंज, सीता गंज, पंजाबी कॉलोनी, किशनगंज, भगवानपुरी, पन्नापुरी, कन्हैयापुरा, हरजसपुरा, कविनगर, असगरपुरा, मीनाक्षी रोड, शास्त्री नगर, नवज्योति कॉलोनी, मोरपुरा, शिवचरणपुरा, कासिम पुरा, न्यू शिवपुरी, त्यागी, नगर पक्का बाग, कविनगर, पन्नापुरी, प्रेमपुरा, इंद्रलोक, कृष्णा नगर, शास्त्री नगर, भगवती गंज कोटला यूसुफ, गोपीपुरा, नूरबफान, नबी करीम, गांधी गंज, भीमनगर, निवाजीपुरा, सोटावाली आदि में कार्य होना है।
एक माह पहले केंद्र सरकार ने पूछे थे सवाल
करीब एक माह पहले नगर पालिका के जलकल विभाग ने शहर के जिन इलाकों में पेयजल लाइन नहीं है, उसे लेकर करीब पांच किलोमीटर लंबी लाइन डालने का प्रस्ताव भेजा था लेकिन जल निगम नगरीय के अधिकारियों ने इन इलाकों में 20 से 30 साल पुरानी पेयजल लाइन के जर्जर होने, 10 से 15 फुट की गहराई में पहुंचने और लीकेजों के कारण हो रहे नुकसान को लेकर नया प्रस्ताव बनाकर भेजा था। इसमें अंतर मिलने के बाद केंद्र सरकार ने जल निगम के अधिकारियों से सवाल पूछे थे। इसके बाद योजना को स्वीकृति मिलेगी या नहीं, इसे लेकर संशय पैदा हो गया था।

तीन महीने का होगा ट्रायल रन
काम पूरा होने के बाद तीन महीने का ट्रायल रन होगा। इसके अलावा सिविल कार्यों को पूरा करने के लिए 12 महीने का डिफेक्ट लायबिलिटी समय होगा। अन्य कार्यों के लिए 24 महीने का समय रहेगा, जो सफल ट्रायल और रन पूरा होने व सभी कामों को सौंपने के बाद शुरू होगा। तीन महीने के सफल ट्रायल के बाद नगर पालिका परिषद हापुड़ को इसे सौंप दिया जाएगा।

केंद्र और प्रदेश सरकार से अनुमति मिलने के बाद उच्च अधिकारियों के आदेश पर टेंडर निकाल दिया गया है। जल्द ही बजट भी जारी हो जाएगा। - अमीरुल हसन, अधिशासी अभियंता, जल निगम नगरीय
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