बेतवा नदी के जल में मशीन रखकर जलस्तर नापता कर्मी
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केंद्रीय जल आयोग की टीम ने शुक्रवार को यमुना व बेतवा नदियों का जल नापा। गिरते जलस्तर और कम बहाव को लेकर चिंता व्यक्त की। टीम का कहना है कि बहाव और कम हुआ तो पानी गंदा हो जाएगा और मछलियों के मरने का सिलसिला शुरू हो जाएगा।
बरसात के दिनों में औसत से कम बारिश होने पर मुख्यालय से निकली बेतवा व यमुना नदियों का जलस्तर बहुत कम रह गया है। नदियों के जलस्तर कम होने व नदियों के बहाव की रफ्तार धीमी होने से केंद्रीय आयोग विभाग चिंतित है।
आयोग के कर्मियों ने बताया कि प्रतिदिन दोनों नदियों का जलस्तर व बहाव मशीन के जरिए मापा जा रहा है। जिसमे जलस्तर में प्रतिदिन आधा से एक सेमी की गिरावट आ रही है। साथ ही बहाव की रफ्तार भी कम हो रही है।
यह बहुत ही चिंता की बात है। आयोग के जेई संदीप ने बताया कि नदियों का जलस्तर कम व बहाव की रफ्तार धीमी हो गई तो नदियों का पानी गंदा हो जाएगा और मछलियां मरने लगेगी। शुक्रवार को बेतवा का जलस्तर 89.25 मीटर व नदी का बहाव 9.0 क्यूसेक मापा गया। दोनों नदियों से कई पंप कैनाल भी संचालित हैँ।
जिससे किसानों को खेत सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाता है। यदि यही हाल रहा तो सिंचाई का संकट भी किसानों को उठाना पड़ सकता है। नदी का जलस्तर मापते समय हरबिलाश, कुशल सहायक विनोद सिंह आदि मौजूद रहे।