थानों से मुख्यालय तक की हर हलचल पर एप की सीधी नजर
फोटो 05 एचएएमपी 05- पुलिस अधीक्षक कार्यालय में यक्ष एप को प्रभावी रूप से सक्रिय को लेकर जुटी पुलिस। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। पुलिस मंथन में लॉन्च यक्ष एप सिर्फ अपराधियों पर ही नहीं बल्कि जिले में तैनात पुलिस अफसरों, थानेदारों व बीट सिपाही की कार्यशैली पर भी नजर रखेगा। जिले में अगर थाना व बीट स्तर पर गैंगस्टर, हिस्ट्रीशीटर और अन्य अपराधियों का डाटा समय से नहीं एप में फीड किया गया या बीट सत्यापन में लापरवाही बरती गई, तो इसका अलर्ट एसटीएफ मुख्यालय के अलावा बड़े अफसरों तक पहुंचेगा। अलर्ट (पॉप) पर संबंधित पुलिसकर्मी को एक चेतावनी दी जाएगी। इसके बाद भी लापरवाही होने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।
शासन स्तर पर तैयार यक्ष एप महज गैंगस्टर और हिस्ट्रीशीटर तक सीमित नहीं रहेगा। बल्कि थानेदार से लेकर अफसर तक की सक्रियता रिकॉर्ड में दर्ज होगी। अगर अपराधियों का डाटा समय से फीड नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारी को तत्काल अलर्ट मिलेगा। यानी अब फाइल दबाकर बैठने की गुंजाइश कम और जवाबदेही ज्यादा होगी। माना जा रहा है कि इस एप के सक्रिय होने के बाद पुलिस की कार्यशैली में पारदर्शिता दिखाई देगा।
नोडल अधिकारी के मुताबिक कंप्यूटर की स्क्रीन पर जिले के किसी भी थाने का अपडेट लिया जा सकता है। थाने का नाम सेलेक्ट करते ही वहां से फीड हर डाटा स्क्रीन पर दिख जाएगा। अगर किसी बीट का सिपाही या थानेदार ने कोई जानकारी देने में देरी की है, तो उसका अलर्ट आ जाता है। साथ ही अपराधियों से जुड़े किसी कॉलम में सूचना पूरी नहीं दी गई है, यह भी फ्लैश होने लगता है। संदिग्ध अपराधियों के फोटो कॉलम में कौन सी फोटो अपलोड हो रही है, यह भी दिखाई पड़ेगा।
दुनिया की कोई भी भाषा समझने में सक्षम एप
आवाज का नमूना का डाटा सबसे महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। अगर किसी अपराधी या संदिग्ध व्यक्ति की आवाज का नमूना लिया जाता है और उसका मेल पहले से फीड आवाज से हो जाता है तो तुरंत उस अपराधी के बारे में पता चल जाएगा। खास बात यह है कि अपराधी किसी भी भाषा में बोले यक्ष एप उसकी आवाज का मिलान कर लेगा।
आरोप पत्र दाखिल होते ही दिखेगा पूरा ब्योरा
सीसीटीएनएस पर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस जब भी आरोप पत्र अदालत में दाखिल करेगी, उससे जुड़े अपराधी को ब्योरा एप पर दिखने लगेगा। जिससे जुड़ी और जानकारियां अपडेट की जा सकेंगी। साथ ही उस अपराधी से संबंधित अन्य जिलों की पुलिस को पूरी सूचना मिल जाएगी।
वर्जन
जिले में यक्ष एप को प्रभावी रूप से सक्रिय करने के लिए काम किया जा रहा है। यक्ष एप मॉनीटरिंग का एक बड़ा हथियार है। थानों की बीट व्यवस्था पहले से मजबूत होगी।- मनोज कुमार गुप्ता (नोडल अधिकारी) अपर पुलिस अधीक्षक