हमीरपुर। हरतालिका तीज पर सुहागिन और अविवाहित कन्याओं ने सोलह शृंगार कर मां के दरबार में हाजिरी लगाई। मान्यता है कि इस व्रत के पालन से योग्य और मनचाहे वर की प्राप्ति होती है तथा विवाहित महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है।
भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर मनाए जाने वाले हरतालिका तीज व्रत का पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ घरों व मंदिरों में आयोजन हुआ। मान्यता है कि इस व्रत के पालन से योग्य और मनचाहे वर की प्राप्ति होती है तथा विवाहित महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है। रात्रि महिलाओं ने घरों व मंदिरों में भक्ति गीत गाकर जागरण किया। दिनभर अन्न-जल का त्याग करने के बाद महिलाओं ने मां के दर्शन करने के साथ ही घरों पर शंकर-पार्वती की प्रतिमा स्थापित कर पारंपरिक विधि-विधान से पूजा की गई। सुबह भोलेनाथ व पार्वती का बेतवा नदी में विसर्जन कर व्रत का पारण किया।