हमीरपुर। ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों की कार्ययोजना और प्रगति की निगरानी अब स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं करेंगी। गांवों में सड़क, नाली, खड़ंजा, जल निकासी और स्वच्छता जैसे कार्यों के प्रस्ताव दे सकेंगी। इससे न केवल गांव के विकास में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, बल्कि योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत भी सामने आएगी।
जिले के सभी सात ब्लॉकों में 7,947 महिला स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनसे करीब 89,000 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। ये महिलाएं विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में काम कर रही हैं। अब उन्हें ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। समूह की महिलाएं गांव में संचालित विकास और कल्याणकारी योजनाओं की स्थिति की भी जानकारी रखेंगी।
साथ ही ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की कार्ययोजना तैयार कराएंगी और मौके पर जाकर चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण करेंगी। वह निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री, कार्य की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप काम होने की जानकारी जुटाएंगी।
डीसी एनआरएलएम ज्ञानप्रकाश ने बताया कि समूहों के माध्यम से महिलाएं पहले से ही आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय हैं। अब ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) से भी जोड़ा जा रहा है। इससे ग्राम विकास में भागीदारी का एक नया अवसर मिलेगा।