गहरौली (हमीरपुर)। अर्जुन बांध से निकली अर्जुन नहर की तगारी व गहरौली माइनरें बीते 15 साल से सूखी पड़ी हैं। वहीं कागज पर टेल तक पानी पहुंचाया जा रहा है। इतना ही नहीं नहर की साफ-सफाई के लिए हर वर्ष लाखों रुपये बजट भी खर्च किया जा रहा है।
किसान खेतों की सिंचाई के समय हर साल माइनराें में पानी छोड़े जाने की मांग करते हैं। इसके बाद भी उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। परेशान किसान मामले की शिकायत बीते सप्ताह हुए समाधान दिवस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में भी कर चुके हैं।
महोबा सिंचाई विभाग के अधीन अर्जुन बांध से निकली अर्जुन नहर से क्षेत्र के गहरौली, इमलिया हुसैना, तगारी, अलरा सहित 19 गांवों को सिंचाई के लिए पानी की आपूर्ति की जाती है। इस नहर से निकली कई माइनरों में टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा।
झाड़ियाें व गंदगी से पटीं नहर
हुसैना गांव निवासी किसान राजू गुरुदेव ने बताया कि अर्जुन नहर से गौरा गांव के पास से उनके गांव होते हुए तगारी तक सात किलोमीटर लंबी माइनर निकली है। तगारी माइनर का नामो निशान ही नहीं बचा है। माइनर झाड़ियाें व गंदगी से भरी पड़ी है। इसकी शिकायत मौदहा में समाधान दिवस में की है।
कोई सुनवाई नहीं होती
हुसैना गांव के ही किसान प्रमोद निगम ने बताया कि इस माइनर में वर्षों से पानी नहीं मिला। जबकि विभाग प्रतिवर्ष कागज पर माइनर और नहरों की सफाई के नाम पर लाखों रुपये खर्च दर्शा रहा है। हर वर्ष सिंचाई का समय आने पर किसान टेल तक पानी पहुंचाने की मांग करते हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता संजय प्रसाद ने बताया कि उन्हें इस मामले में जानकारी नहीं है। जानकारी कर किसानों की समस्या का निस्तारण कराने का प्रयास करेंगे।