विकासखंड क्षेत्र के बिदोखर पुरई स्थित खेरे बाबा तालाब को दो अलग-अलग विभागों ने एक साथ खोदने का दावा किया है। इस कार्य में करीब दो लाख रुपये ठिकाने लगा दिए हैं। मामला प्रकाश में आने पर कार्यदायी संस्थाएं तालाब खुदवाने का अपना-अपना दावा कर रही हैं। अब किसने तालाब खोदा इसकी जांच के लिए एपीओ मनरेगा जितेंद्र कुमार को लगाया गया है।
बुंदेलखंड में पानी की कमी को देखते हुए कई योजनाएं जल संरक्षण के लिए संचालित हैं। इसी के चलते ग्राम पंचायत बिदोखर पुरई में खेरेबाबा तालाब की खुदाई मनरेगा से ग्राम पंचायत ने चार लाख रुपये खर्च करने का स्टीमेट बनाया। पंचायत का दावा है कि तालाब को आठ मई तक मजदूरों से खुदवाया गया था।
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इसमें करीब 20 हजार रुपये लगे हैं। लेकिन अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। वहीं दूसरी ओर नील क्रांति योजना से तालाब की खुदाई दस मई तक कराई गई है। जिसमें करीब 1.70 लाख धनराशि खर्च की गई है। तालाब की खुदाई मशीनों से कराई गई है। तालाब का पट्टा मत्स्य पालन के लिए युगराज धुरिया के नाम आवंटित है। जिसे मछली पालन ठेकेदार मुनव्वर खान ने ले रखा है। उधर प्रधान चंद्रप्रकाश ने बताया कि उन्होंने इस तालाब को मनरेगा के तहत खुदाई अप्रैल माह में कराई थी। आठ मई तक खुदाई हुई।
वित्तीय वर्ष 2005-06 में लघु विभाग ने 23 लाख रुपये खर्च किया था। ग्राम पंचायत ने मनरेगा से अलग-अलग वर्षो में तीन बार खुदवाया। दस वर्षो में तालाब की खुदाई कई बार खोदेे जाने के बावजूद अभी भी अधूरा पड़ा हुआ है। बुंदेलखंड में तालाब खुदाई पर जमकर धांधली की जा रही है। इसकी वजह से धरातल पर कोई परिणाम नजर नहीं आ रहे है।