हमीरपुर। नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) कीर्ति माला सिंह की अदालत ने मनोज व बबलू को दोषी ठहराया है। न्यायालय ने दोनों को चार-चार साल कठोर कारावास की सजा सुनाई और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार चिकासी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी को 17 अप्रैल 2017 की रात करीब दो बजे आरोपी मनोज निवासी टोला खंगारन अपने बहनोई बबलू निवासी सरसई थाना राठ के साथ मिलकर 17 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर घर से ले गया था। पुलिस ने किशोरी पिता की सूचना पर गंभीरता नहीं दिखाई। बाद में लिखित सूचना के आधार पर उक्त दोनों के विरुद्ध धारा-363, 366 भा.दं.सं. धारा-08 पॉक्सो एक्ट के अन्तर्गत प्राथमिकी दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की थी। विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। पीड़िता के जो बयान दर्ज किए गए उसमें उसने कहा था कि उक्त दोनों उसे दिल्ली ले गए। वहां पर एक मकान में रखा, उसकी मर्जी बगैर मांग भर दी और शारीरिक संबंध बनाए। मना करने पर परिजनों को मार देने की धमकी देता था। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) कीर्ति माला सिंह की अदालत ने सोमवार को दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। दोनों ही सजा एक साथ चलेंगी। अर्थदंड जमा न करने पर साधारण कारावास एक-एक माह का अतिरिक्त भुगतना पड़ेगा।