बुंदेलखंड पैकेज से करोड़ों की लागत से बनी नवीन मंडियों के निर्माण में घटिया कार्य कराए जाने की पोल खुलने लगी है। सीडीओ ने मुंडेरा और टेढ़ा गांव स्थित मंडियों का स्थलीय निरीक्षण कर कराए गए घटिया कार्य चिह्नित किए हैं। निरीक्षण आख्या में सीडीओ को गोदाम की छत मेें डाली गई सीमेंट की चादरें टूटीं और दीवारों में दरारें मिलीं। बिजली की वायरिंग भी बेहद घटिया मिली है। इस मामले में राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक समेत उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर कार्रवाई को लिखा है।
जिले में बुंदेलखंड पैकेज से 23 अवस्थापना केंद्र (उप मंडी) और एक विशिष्ट मंडी का निर्माण कराया गया है। इसमें एक अवस्थापना केंद्र की लागत 207.75 लाख है। मुख्य विकास अधिकारी अवधेश बहादुर सिंह ने बताया कि मुंडेरा नवीन मंडी समिति बनकर तैयार है। निरीक्षण में गोदाम की छत में डाली गई सीमेंट की चादरें टूटी मिलीं।
दीवारों में भी दरारें पड़ी मिली। बिजली फिटिंग भी मानक के अनुसार नहीं मिली। साथ गए सहायक अभियंता एलपी निरंजन, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी (मनरेगा) जितेंद्र कुमार से फर्श खुदवाकर चेक कराया तो प्लास्टर अधोमानक मिला। सीडीओ ने बताया कि खुले चबूतरे के एस्बेसट्स सीट जगह-जगह टूटी व एप्रिन में दरारें पाई गईं।
यही हाल केयर टेकर रूम और ऑफिस बिल्डिंग का रहा। मंडी में खरीदा गया कोयल ब्रांड कंपनी का जनरेटर खुले मेेें रखा मिला। मंडी परिसर में बनी सड़क खराब मिली। बाउंड्रीवाल के फाउंडेशन में घटिया ईंट का प्रयोग हुआ। साथ ही धर्मकांटा कक्ष में प्लास्टर कार्य अत्यंत ही रफ /बेतरतीब ढंग से होना पाया गया। जिसमें फिनिसिंग नहीं कराई गई है।
कमोवेश यही हाल टेढ़ा गांव स्थित मंडी का मिला। गोदाम की छत में सीमेंट की चादरें टूटी होने के साथ दीवारों में सीलन और दरार मिलीं। पीआरडी जवान ने बताया कि इस कक्ष की छत में दरार होने से बरसात का पानी अंदर घुस रहा है। सड़क भी खराब मिली। मुख्यविकास अधिकारी ने मंडियों के निर्माण में घटिया कार्य कराए जाने पर मंडी परिषद के निदेशक सहित डीएम को निरीक्षण आख्या भेजी है। जिसमें संबंधित कार्यदाई संस्था सहित ठेकेदारों पर कार्रवाई करने को कहा है।