फोटो 21 एचएएमपी 23- सुमेरपुर में कविता पाठ करते कवि। आयोजक
- फोटो : 1
भरुआ सुमेरपुर। राष्ट्र कवि गोस्वामी तुलसीदास जयंती पर अभासा परिषद न्यास इकाई हमीरपुर के तत्वावधान में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी का शुभारंभ मां सरस्वती एवं गोस्वामी तुलसीदास के चित्र का पूजन, अर्चन, वंदन के बाद हुआ। संचालक कैलाश प्रसाद सोनी ने माता हुलसी और पत्नी रत्नावली को श्रेय देते हुए हुलसी तुलसी मणि जन्यो, रत्नावली कियो दान तेहि मणि से निर्मित भयो, मानस का उद्यान कविता सुनाई।
गजलकार वीरेंद्र कुमार पाल पढ़ा गहरी है बहुत नदिया, लहरों में रवानी है उस पार भी जाना है, कश्ती भी पुरानी है। संयोजक कवि हरिराम गुप्त ने प्रभु राम की महिमा और मैं शीर्षक कविता प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि कवि गजेंद्र नारायण दीक्षित ने गोस्वामी जी आपको, सादर करूं प्रणाम। राम चरित लिख आपने, हृदय रामायो राम कविता सुनाई। उपाध्यक्ष/कवि गजलकार नीतिराज सिंह यादव ने नाजुक हालात पर ताल्लुक तोड़ दूं कैसे, हर बात को उसूलों से जोड़ दूं कैसे कविता पेश की। गीतकार उमेश कुमार सोनी ने पढ़ा राम की बात कह पाना मूर्खों के न बस में है। राम को जान जाना भी भोगियों के न बस में है। कवि डॉ. गणेश सिंह विद्यार्थी ने पढ़ा मैंने जख्मों में सबके मरहम भरना सीखा है। प्रीति प्यार की सरगम गाकर, पीड़ा हरना सीखा है।