हमीरपुर। हाईवे पर सड़क किनारे या मोड़ पर खड़े ट्रक व डंपर हादसों का प्रमुख कारण बन रहे हैं, विशेषकर रात के समय में। कानपुर-सागर हाईवे पर शहर से लेकर गहबरा चौकी तक 60 से अधिक होटल व ढाबे संचालित हैं। इन ढाबों पर हर समय सड़क किनारे ट्रकों की कतार लगी रहती है। आड़े-तिरछे खड़े इन ट्रकों से कई बार हादसे भी हो चुके हैं। इसके बावजूद कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई। बता दें कि यातायात के नियमों के मुताबिक, हाईवे के किनारे सड़क पर ट्रक व अन्य वाहन खड़े नहीं किए जा सकते हैं।
मुख्यालय से कुछेछा, सुमेरपुर फैक्टरी एरिया, मौदहा से गहबरा चौकी तक सड़क के दोनों ओर वाहन ही वाहन खड़े नजर आते हैं। कार्रवाई न होने से 24 घंटे सड़क के दोनों ओर ट्रक व भारी वाहन खड़े रहते हैं। सड़क किनारे चालक अपने वाहन अक्सर रात में बेतरतीब खड़ा कर देते हैं, जो अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। इन स्थानों पर कई घटनाएं भी हो चुकी हैं, बावजूद इसके लापरवाह चालकों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं, उप संभागीय परिवहन विभाग भी ओवरलोड ट्रकों व डंपरों पर सीज की कार्रवाई कर हाईवे पर सड़क किनारे इन्हें खड़ा करा देते हैं, जो हादसों का प्रमुख कारण बनते हैं।
कहने को तो संबंधित थानों के सिपाहियों को रात व दिन में प्रत्येक चौराहों पर गश्त पर रहने के निर्देश हैं, लेकिन वह कभी-कभार ही दिखाई देते हैं। दुर्घटनाएं अक्सर ढाबों के आसपास वाहनों के बेतरतीब खड़ा करने से होती हैं। खड़े वाहनों में न तो पार्किंग लाइट ही जलाई जाती है और न ही रेडियम संकेत लगे होते हैं। हादसा होने का प्रमुख कारण एक यह भी है। मौदहा मंडी के सामने वाहन मैकेनिकों की दुकानें है। इस कारण पेट्रोल पंप के आसपास ट्रकों का जमावड़ा रहता है। जो हाईवे पर सफेद लाइन से सड़क की ओर खड़े देखे जा सकते है। जो हादसों का कारण बनते है।
ढाबों के पास नहीं की जाती चेकिंग
सबसे ज्यादा बड़े वाहन ढाबों पर खड़े नजर आते हैं। रात व दिन में यहां वाहन एक के पीछे एक खड़े रहते हैं। रात के समय यहां से निकलने में भी डर बना रहता है। नियमित चेकिंग न होने और चालान न होने की वजह से यहां हादसे का भय बना रहता है। छुटपुट मामले तो यहां प्रतिदिन होते रहते हैं।
इन स्थानों में खड़े होते वाहन
लक्ष्मीबाई पेट्रोल पंप, कुछेछा पुलिस चौकी, कस्तूरबा विद्यालय के सामने, कुंडौरा, नरायनपुर, सुमेरपुर फैक्टरी एरिया, जेके सीमेंट, इंगोहटा, मकरांव, बड़ा चौराहा मौदहा, मौदहा पेट्रोल पंप के सामने, छिरका मोड़, गहबरा चौकी के पास।
यह रखें सावधानी
- यदि आप हाईवे पर कार ड्राइव कर रहे हैं तो सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि आप कितनी दूर तक देख पा रहे हैं। अपनी गाड़ी की लाइट और आपके देखने की क्षमता को ध्यान में रखकर स्पीड को नियंत्रित रखें।
- कार को डिवाइडर और सड़क किनारे मार्किंग के पास न चलाएं। वाहन सड़क को डिवाइड करने वाली मार्किंग लाइन से सटाकर चलाएं। इससे पीछे से आने वाले वाहन से भी बचाव होता है। साथ ही आगे सड़क किनारे कोई खराब ट्रक या अन्य वाहन खड़ा है तो उससे भी भिड़ंत होने से बचते हैं।
- चार पहिया वाहन चलाते समय पार्किंग लाइट ऑन रखें। यह लगातार ब्लिंक करते रहें। इससे पीछे या सामने से आ रहे वाहनों को अपने वाहन की स्थिति का पता चल जाता है।
- दोपहिया वाहनों में भी इंडीकेटर व पार्किंग लाइट जलाकर चलें।
-
मौदहा में हुआ था हादसा
बीते साल 11 जून की सुबह करीब नौ बजे हाईवे पर 75 की रफ्तार में दौड़ रही वैन सड़क किनारे खड़े डंपर में पीछे से घुस गई थी। इस घटना में दो की मौत और आठ लोग घायल हो गए थे। वैन में चालक समेत कुल 10 लोग सवार थे। वैन सवार सभी मजदूर अमराेहा से झांसी डिवीजन अंतर्गत महोबा की रेलवे लाइन में बिजली का काम करने जा रहे थे। घटना के बाद डंपर लेकर चालक मौके से भाग निकला था।
बीते पांच साल में नेशनल हाईवे पर हुए हादसे
वर्ष - कुल मौतें
-
2021 - 29
2022 - 69
2023 - 40
2024 - 37
2025 - 50
नोट- ये आंकड़े परिवहन विभाग के अनुसार
-
नियमों के मुताबिक हाईवे किनारे सड़क पर ट्रक व अन्य वाहन खड़े नहीं किए जा सकते हैं। ऐसा भी नहीं है कि सड़क किनारे वाहन खड़े करने वालों पर कार्रवाई नहीं की जाती है। कई बार ढाबों पर जाकर ही चालान किए गए हैं। एक बार फिर हाईवे पर चेकिंग कर ऐसे चालकों पर कार्रवाई की जाएगी। कुछेछा के पास खड़े सीज ट्रकों को भी हटवाया जाएगा। - अमिताभ राय, एआरटीओ प्रर्वतन।
-
फोटो 24 एचएएमपी -12 कुछेछा पुलिस चौकी के सामने हाईवे किनारे सड़क पर खड़े सीज वाहन। संवाद- फोटो : 1