हमीरपुर। विभिन्न ट्रेड यूनियन द्वारा देशव्यापी हड़ताल के क्रम में बुधवार को बैंक के विभिन्न संगठनों ने हड़ताल पर रहे। बैंक के कर्मचारी संगठन एआईबीईए की अगुवाई में जिले के कई बैंकों में हड़ताल के दौरान काम बंद रहा। यह विरोध विभिन्न श्रमिक यूनियन ने केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी, किसान विरोधी गतिविधियों के कारण बंद का आह्वान किया। इस हड़ताल से करीब 18 करोड़ रुपयों के लेनदेन प्रभावित रहा।
ट्रेड यूनियन के कामरेड राजेश कुमार तिवारी का कहना है की 17 सूत्री डिमांड को केंद्र सरकार ने खारिज कर दिया है। सरकार केवल व केवल कॉरपोरेट घरानों पर पर ही विशेष ध्यान दे रही है और श्रमिकों के आधार भूत एवं मूलभूत समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। पिछले 10 वर्षों के दौरान सरकार ने एक भी श्रमिक सम्मेलन नहीं कराया है।
नई लेबर कोर्ट के आड़ में ट्रेड यूनियन की शक्ति को क्षीण करने में लगी है। इनमें से बैंक, वित्तीय संस्थान, बीमा क्षेत्र, कोल माइंस के दफ्तर बंद रहे। इसी क्रम में जनपद के बैंक के कर्मचारी यूनियन ने भी जिले के समस्त बैंकों में तालाबंदी कर अपने आक्रोश को उजागर किया।
मुख्य मांगों में नई भारती, पुरानी पेंशन स्कीम लागू करना, आउटसोर्सिंग बंद करना, पर्याप्त स्टाफ न होना, बैंक को निजीकरण के तरफ न ले जाने के लिए है। आज की हड़ताल से आम जनता एवं विशेष रूप से व्यावसायिक लेनदेन बाधित रहा।
हड़ताल में विशेष रूप से कामरेड राजेश कुमार तिवारी जिला मंत्री (इंडियन बैंक इंप्लाइज यूनियन), कामरेड योगेन्द्र सिंह डिप्टी जनरल सेकेटरी (इंडियन बैंक इंप्लाइज यूनियन) एवं यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन हमीरपुर जिला मंत्री, कामरेड दिलीप कुमार बैंक ऑफ इंडिया, कामरेड अभिजीत सचान यूपी ग्रामीण बैंक, कामरेड हादी केनरा बैंक, कामरेड धीरेंद्र कुमार, कामरेड विनय मिश्रा, कामरेड आशीष शर्मा, कामरेड अभिषेक, कामरेड महेंद्र सिंह, कामरेड प्रकाश नारायण, कैलाश कुमार, पुरन लाल, राजेश कुमार, पंकज कुमार, विनोद एवं महिला कामरेड स्वाति सचान, स्मिता खरे एवं अलशिफा अंसारी बैंक ऑफ इंडिया शामिल रहे।
इस बाबत लीड बैंक के अग्रणी जिला प्रबंधक संगम लाल मिश्रा ने बताया कि कर्मियों की हड़ताल के कारण उपभोक्ताओं का काम नहीं हो सका। जिससे करीब 18 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित रहा।