हमीरपुर। एससीएसटी एक्ट कोर्ट के न्यायाधीश रनवीर सिंह ने शुक्रवार को सुनवाई के बाद जबरन घर में घुसकर धारदार हथियार से हमला करने वाले तीन अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। पांच-पांच साल कठोर कारावास के साथ ही 16-16 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।
जानकारी के अनुसार जलालपुर थाना क्षेत्र के कुपरा गांव निवासी राजरानी पत्नी स्व. हरगोपाल ने 13 अक्तूबर 2005 को थाने में शिकायत की थी। पुलिस को दिए शिकायती पत्र में बताया था कि मेरा बेटा सिद्धू शाम को गांव के ही सात बजे देवीदीन की दुकान पर गया था। जब वह दुकान पर गुटकी ले रहा था तभी चंद्रका प्रसाद, ध्रुव, अंगद पुत्र शिवमंगल मिश्रा लाठी व कुल्हाड़ी लेकर दुकान पर पहुंच गए। जाति सूचक गालियां देते हुए मेरे बेटे को पीटने लगे। वह दुकान में घुस गया तो यह जबरन दुकान में घुसकर पीटने लगे। वह घर के अंदर बखरी में घुस गए और पीटने लगे।
शोर सुनकर आसपास के लोग दौड़े और किसी तरह बेटे को बचाया। वह पिटाई से गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मेडिकल परीक्षण कराया। पुलिस ने आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। एससीएसटी एक्ट कोर्ट में पीड़ित पक्ष की ओर से अभियोजक विजय सिंह ने साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए। गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायाधीश रनवीर सिंह ने अभियुक्तों को दोषी करार दिया। न्यायाधीश ने दोषी रामकुमार, ध्रुव व हनुमान मिश्रा को पांच-पांच साल का कठोर कारावास और 16-16 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।