हमीरपुर। सड़कों और खेतों में घूमते छुट्टा पशुओं पर प्रशासन ने अब शिकंजा कस दिया है। जिलाधिकारी अशोक कुमार ने तीन दिवसीय विशेष अभियान चलाकर छुट्टा पशुओं को गोशालाओं में संरक्षित करने के निर्देश दिए हैं। अफसरों को चौथे दिन नो पशु प्रमाण पत्र देना होगा। इसके बाद भी छुट्टा पशु मिला तो बीडीओ और पशुपालन अधिकारी की जवाबदेही तय होगी।
कलक्ट्रेट सभागार में सोमवार को गोशालाओं की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी के तेवर तल्ख रहे। अप्रैल में छोड़े गए पशुओं और वर्तमान में संरक्षित पशुओं की संख्या में करीब 4,000 का अंतर सामने आ रहा है। डीएम ने ब्लॉकवार आंकड़ों का सत्यापन कराने के साथ तीन दिन में अभियान चलाकर छुट्टा पशुओं को संरक्षित करने के निर्देश दिए। हर ब्लॉक में बीडीओ व पशुपालन विभाग की संयुक्त टीम निगरानी करेगी। एसडीएम नोडल अधिकारी रहेंगे और मुख्य पशुचिकित्साधिकारी रोज शाम सात बजे प्रगति रिपोर्ट देंगे। दूध निकालकर पशु खुले में छोड़ने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। इसके बाद भी सड़क पर छुट्टा पशु मिलता है तो फिर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। मीडिया में शिकायत आने पर तत्काल तथ्यात्मक स्पष्टीकरण देना होगा। बैठक में एडीएम राकेश कुमार, एडीएम न्यायिक रिजवाना शाहिद, डीडीओ राघवेंद्र सिंह, सीवीओ डॉ. भूपेंद्र सिंह यादव, डीआईओ सतीश कुमार आदि मौजूद रहे।
टीकाकरण की देनी होगी दैनिक रिपोर्ट
लंपी समेत वर्षाजनित रोगों से बचाव के लिए टीकाकरण की दैनिक रिपोर्ट मांगी गई। गोशालाओं में बीमार पशु, छोटे बच्चे, दुधारू पशु और आक्रामक सांड़ अलग रखने, मृत पशुओं का वैज्ञानिक निस्तारण, चरहियों की सफाई, काई हटाने, चूने के छिड़काव और जलभराव में मिट्टी भराव-खड़ंजे के निर्देश दिए गए।