राठ में राजा की मौत पर बिलखते परिजन।
- फोटो : Amar ujala
धार्मिक किताब के पन्ने विसर्जित करने गए तीन बच्चे कस्बे से सटे अतरौलिया गांव स्थित दीपा तालाब में डूब गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बाहर निकाला और अस्पताल ले गए। जहां एक बच्चे को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। दूसरे की हालत नाजुक होने पर उसे झांसी रेफर कर दिया। जबकि तीसरा बच्चा बाल-बाल बच गया। जिसने बताया कि उसके चौथे साथी ने उन तीनों को नहाने के लिए तालाब में धक्का दिया था। बच्चे की मौत पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
कोटबाजार मोहल्ला निवासी 12 वर्षीय आतिब पुत्र कल्लू ने बताया कि मंगलवार दोपहर करीब साढे़ बारह बजे वह अपने दोस्त राजा (13) पुत्र हलीम कुरैशी, राज (12) पुत्र खालिक और कल्लू पुत्र शाकिर के साथ धार्मिक किताब के पन्ने विसर्जित करने दीपा तालाब गया था। तालाब किनारे पहुंचने पर नहाने के लिए कल्लू ने उसे और उसके दोस्त राजा व राज को तालाब में धक्का दे दिया। जिससे राजा, राज गहरे पानी में चले गए। उसी दौरान आसपास मौजूद लोगों ने उन लोगों को डूबता देखा तो बचाने दौड़ पड़े।
सूचना पर पहुंची 108 एंबुलेंस से बच्चों को अस्पताल पहुंचाया गया। जहां चिकित्सकों ने राजा को मृत घोषित कर दिया। चिकित्सक डा. रवि प्रताप ने बताया कि राज के पेट में अधिक पानी चले जाने से उसे झांसी रेफर कर दिया। आतिब बाल-बाल बच गया। जबकि उसका दोस्त कल्लू भाग खड़ा हुआ। खबर लगते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए। वहीं, सूचना पर सीओ विवेकानंद तिवारी, कोतवाल घनश्याम पांडे भी अस्पताल पहुंच गए।
घर का लाड़ला बेटा था राजा
अतरौलिया गांव के दीपा तालाब में डूबे राजा के पिता हलीम कुरैशी कबाड़ खरीदने का काम करते हैं। हलीम ने बताया कि उसके तीन बेटियां और एक पुत्र राजा था। बेटे की मौत पर पिता हलीम और उसकी मां राईन का रो-रोकर बुराहाल है। मां तो बिलख-बिलख कर बेहोश हो रही थी। मां राईन ने बताया कि उसका राजा उससे बाजार जाने की बात कहकर घर से निकला था। उसे नहीं पता था कि वह दोबारा घर नहीं लौटकर आएगा।