सीबीआई कैंप कार्यालय के बाहर आपस में बातचीत करते पट्टाधारक।
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मौदहा बांध के डाकबंगले में ठहरी सीबीआई की सख्ती रंग लाने लगी है। पुलिस के जरिए पट्टाधारकों को बुलाने के फरमान का असर हुआ है। पुलिस के दरवाजा खटखटाने पर कई पट्टा धारक सीबीआई के सामने पेश हुए।
मंगलवार को डाक बंगले में दिन भर चहल कदमी रही। आधा दर्जन से अधिक पट्टाधारक पहुंचे। सीबीआई अधिकारियों को इन लोगों ने अपने बयान दर्ज कराए। इससे पूर्व दिनेश कुमार मिश्रा, पूर्व सांसद घनश्याम अनुरागी सहित एक अन्य ने सीबीआई का सामान किया है। मंगलवार को उरई निवासी हरिहर मिर्ल्स के करन सिंह, हमीरपुर के दुष्यंत सिंह गुड्डू, राकेश अग्रवाल, गोपीकृष्ण गुप्ता, अशोक सचान, सपा जिलाध्यक्ष ज्ञानसिंह के छोटे भाई सुदर्शन यादव (बीनू), हमीरपुर निवासी महिला आयोग की अध्यक्ष जरीना उस्मानी के रिश्तेदार फारुख, पृथ्वीपाल निषाद, पीर खां, गुलाब मुस्तफा, कलीम खां, जावेद अली आदि डाकबंगला पहुंचे। उनसे सीबीआई ने इनसे लंबी पूछताछ की।
फिलहाल अभी तक सीबीआई का सामना करने से भय खा रहे पट्टा धारकों को पुलिस के जरिए बुलाया जा रहा है। इसी कारण मंगलवार को मौरंग के धंधे से जुड़े लोग पहुंचने लगे हैं। इसी के साथ कुपरा गांव के अनुराग पांडेय और रवि पांडेय ने भी खेत से मौरंग निकासी कर नुकसान पहुंचाने वालों की शिकायत कर बयान दर्ज कराए। बुधवार को अन्य कई बड़े मौरंग व्यवसायियों के बयान दर्ज होने की सुगबुगाहट देखी जा रही है।