हमीरपुर। 15 साल पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट रनवीर सिंह की अदालत ने फैसला सुनाया। अदालत ने तीन भाइयों जगदेव यादव, छुट्टन यादव व गुलबदन यादव को चार-चार साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर आठ हजार का अर्थदंड लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
बिवांर थानाक्षेत्र के टीहर गांव निवासी पीड़ित फद्दा बसोर ने 13 जुलाई 2010 को न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई थी। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए 16 अगस्त को संबंधित थाने की पुलिस को आदेशित कर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए थे। पीड़ित ने बताया था कि वह सुअर पालकर परिवार का भरण पोषण करता है। सात जून 2010 को गांव निवासी जगदेव यादव, छुट्टन यादव व गुलबदन यादव उसके घर आए और गाली-गलौज करते हुए बोले कि अपने सुअरों को बांधकर रखना। अगर उनकी बगिया में दोबारा आए तो जहर देकर मार डालेंगे।
आठ जून को जनपद महोबा के खरका गांव अपने भतीजे सरहज के बीमार होने के कारण वह अपनी पत्नी को लेकर चला गया। बेटे सुखदेव को जानवरों की देखभाल के लिए घर पर छोड़ गया। 10 जून को उसका बेटा जानवरों को पानी पिलाने के लिए उन्हें सुबह छह बजे तालाब के पास ले गया। रास्ते में आरोपी हाथों से गीला आटा जानवरों की ओर फेंकने लगे। जिसे खाकर दो सुअरों की मौके पर मौत हो गई। विरोध करने पर मारपीट कर दी। जानकारी व वह गांव आकर उक्त लोगों से उलाहना देने गया तो उसके साथ गाली-गलौज कर जानमाल की धमकी दी। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने उक्त तीनों भाइयों के खिलाफ एससी एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया था। मामले में कोर्ट ने शनिवार को उक्त तीनों भाइयों को सजा सुनाई है।