गहरौली। मुस्करा ब्लॉक में गहरौली समेत पांच गांवों में पाइप लाइन में जगह-जगह लीकेज हैं। इससे रोजाना हजारों लीटर पानी बहकर नालियों में बर्बाद हो रहा है। वहीं लीकेज से गंदगी युक्त पानी घरों में पहुंच रहा है। जिसे पी रहे लोगों के बीमार होने की आशंका रहती है।
पहाड़ी भिटारी सामूहिक पेयजल योजना से गहरौली, गौरा, अलरा, पहाड़ी, भिटारी के ग्रामीणों को पानी की सप्लाई मिलती है। इसमें गौरा से गहरौली मेन पाइप लाइन में दो जगह बड़े-बड़े लीकेज हैं। डिग्री कॉलेज के आसपास भी कई लीकेज हैं। गौरा से पहाड़ी मेन पाइप लाइन में 15 से अधिक बड़े-बड़े लीकेज हैं। नलकूप नंबर दो के पास भी लीकेज होने से रोजाना हजारों लीटर पानी नालियों में बहकर बर्बाद हो रहा है। इससे ऊंचाई पर बने घरों के परिवारों को पानी की समस्या से भी जूझना पड़ रहा है।
जिला पंचायत सदस्य के प्रतिनिधि करन सिंह राजपूत व सुनील कुमार राजपूत ने मामले की शिकायत डीएम से की है। संस्थान के अवर अभियंता विशलेंद्र कुमार ने बताया कि पाइप लाइन में लीकेज की समस्या संज्ञान में नहीं है। कर्मचारियों को भेजकर जल्द लीकेज सही कराएंगे।
नाली नहीं बनी, कीचड़ में गिरकर घायल हो रहे लोग
भरुआसुमेरपुर। बिलहड़ी ग्राम पंचायत में कार्य योजना में शामिल नाली नहीं बनाए जाने से घरों का गंदा पानी बांकी नदेहरा मार्ग में भर गया है है। आए दिन बाइक सवार इस स्थान पर गिरकर घायल हो रहे हैं। प्रधान का कहना है कि नाली बनवाने के लिए बजट नहीं है।
गांव में सड़क के किनारे नाली बननी है। गांव निवासी छुटकू कुटार, रामपाल कुटार, सुखबीर, रामपाल आदि ने बताया इसी रास्ते से बांकी, बांक, पलरा, नदेहरा, मवईजार, चंदौलीजार, बंडा, विदोखर मेंदनी, विदोखर पुरई, कल्ला, धनपुरा, खड़ेहीजार आदि गांवों के लोगों का आना जाना होता है। बस्ती का गंदा पानी सड़क में एकत्र होने से आवाजाही मेें परेशानी हो रही है। बाइक सवार आए दिन दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। पूर्व प्रधान जयवीर सिंह ने बताया कि सड़क किनारे नाली निर्माण का प्रस्ताव 2020 की कार्य योजना में शामिल था। ग्राम प्रधान जयनारायण विश्वकर्मा ने बताया कि बजट का अभाव है। कहाकि जल निकासी के वैकल्पिक व्यवस्था कराई जा रही है।
गौरा गांव में लीकेज पाइप लाइन से बहता पानी।- फोटो : HAMIRPUR