हमीरपुर। बीते तीन दिन की बारिश के बाद निकली तेज धूप और तापमान में उतार-चढ़ाव से वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण के साथ डेंगू-मलेरिया का खतरा बढ़ गया है। जगह-जगह जलभराव और नाले-नालियों में गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में बुखार, सर्दी-जुकाम और खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ी है। बुधवार को 704 मरीज पहुंचे। इनमें 309 पुरुष, 310 महिला और 85 बालरोगी शामिल रहे। इनमें बुखार, सर्दी-जुकाम, खांसी, पेट के संक्रमण, दस्त और त्वचा रोग के मरीज अधिक रहे। बुखार के मरीजों में डेंगू और मलेरिया की आशंका को देखते हुए जांच कराई जा रही है। पैथोलॉजी में रोजाना 10 से 12 संदिग्धों की डेंगू जांच हो रही हैं। लैब टेक्नीशियन राम ने बताया कि कुल 380 जांचें हुई हैं। इनमें 150 मरीज टाइफाइड और वायरल बुखार से पीड़ित निकले हैं। डेंगू की नौ और मलेरिया की 180 संदिग्ध मरीजों की जांच की गईं। इनमें सभी की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई हैं।
जनरल फिजिशियन डॉ. परमेंदर प्रजापति ने बताया कि जलभराव वाले स्थानों पर मच्छरों के लार्वा पनपने की आशंका रहती है। घरों के आसपास पानी जमा न होने दें और जलभराव होने पर तत्काल सफाई कराएं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले में अब तक मलेरिया के छह और डेंगू के आठ मरीज मिल चुके हैं। स्वाइन फ्लू के दो मामले सामने आए हैं।
बचाव के उपाय
संक्रमण से बचाव के लिए उबला या क्लोरीनयुक्त पानी पिएं।
खुले खाद्य पदार्थों से बचें और घरों के पासपास पानी जमा न होने दें।
तेज बुखार, कंपकंपी, शरीर में दर्द, उल्टी-दस्त, सांस लेने में परेशानी या अत्यधिक कमजोरी होने पर चिकित्सक को दिखाएं।