फोटो 28 एचएएमपी 30- हेडलाइट जलाकर गुजरती बस। संवाद
हमीरपुर/मौदहा/सुमेरपुर। पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के बाद पछुआ हवाओं के प्रभाव से बीते एक सप्ताह में लगातार तापमान में गिरावट देखी जा रही है। बीते चार सालों के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस साल दिसंबर का महीना सबसे ठंडा रहा है। दृश्यता भी शून्य रही।
साल 2021 में 28 दिसंबर को न्यूनतम तापमान 10.5 व अधिकतम 23 डिग्री था। इसके बाद साल 2022 में न्यूनतम पारा 7 व अधिकतम 24 डिग्री सेल्सियस रहा था। 28 दिसंबर 2023 को न्यूनतम तापमान 10 व अधिकतम 23 डिग्री दर्ज किया गया था। वर्ष 2024 में न्यूनतम 16 व अधिकतम 28 डिग्री रहा था। न्यूनतम तापमान सामान्य तापमान से तीन डिग्री लुढ़ककर 7 डिग्री व अधिकतम पारा चार डिग्री गिरावट के साथ 14.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
दूसरी ओर घने कोहरे के कारण राहगीरों की परेशानियां बढ़ गई हैं। वहीं, ट्रेनों की लेटलतीफी के कारण रेल मुसाफिरों को स्टेशन पर घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
दिसंबर का औसत न्यूनतम तापमान 11 डिग्री के आसपास रहता है। इस साल न्यूनतम तापमान करीब 4 डिग्री कम है। जो इस सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र कुरारा के कृषि वैज्ञानिक डॉ. शालिनी ने बताया कि रविवार को न्यूनतम पारा 7 व अधिकतम 14.2 डिग्री सेल्सियस रहा है।
दो घंटे 10 मिनट देरी से आई खजुराओ-कानपुर ट्रेन
कोहरे के चलते रविवार को कई ट्रेनें लेटलतीफ रहीं। इनमें खजुराहों से कानपुर पैसेंजर ट्रेन निर्धारित समय 7:50 की जगह 10 बजे आई। इससे यात्रियों को दो घंटा 10 मिनट ट्रेन का इंतजार करना पड़ा। इसी तरह चित्रकूट एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय 4:20 बजे की जगह 5.53 बजे आई। वहीं, कानपुर-मानिकपुर पैसेंजर 8:50 के स्थान पर 10:19 बजे आई। जबकि इंटरसिटी 1:20 बजे के स्थान पर 24 मिनट देरी से आई।