रूरीपारा गांव में सीवर टैंक के धंसने के बाद हुए हादसे के बाद घायलों के
इलाज के दौरान पीएचसी में कुछ अराजक तत्वों ने जहां फार्मासिस्ट को
मारापीटा, वहीं घायलों को लेने गई पुलिस जीप में पथराव किए जाने से
थानाध्यक्ष चुटहिल हो गए। पुलिस ने इस मामले में फार्मासिस्ट व थानाध्यक्ष
की तरफ से दो रिपोर्ट दर्ज की हैं। फिलहाल गांव में भारी पुलिस बल लगा दिया
गया है।
शनिवार की शाम करीब 6 बजे ललपुरा थानाक्षेत्र के रूरीपारा
गांव में जवारा जुलूस निकला। तभी सड़क किनारे रज्जन प्रजापति के मकान के
आगे बने सीवर टैंक के ऊपर क्षमता से अधिक लोग खड़े होकर सांगों का प्रदर्शन
देखने लगे। इसी बीच अचानक टैंक की स्लैब भरभरा कर ढह गई। इस हादसे में
करीब तीन दर्जन से अधिक लोग घायल हुए।
घायलों में मासूम बच्चे व महिलाएं
ज्यादा रहीं। घटना के बाद मची अफरा तफरी के बीच लोग घायलों को लेकर स्थित
पीएचसी ले गए। फार्मासिस्ट छोटेलाल गौतम ने 8 लोगों को मरहम पट्टी की तभी
कुछ अराजकतत्वों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। थाने में दी तहरीर में
फार्मासिस्ट ने बताया कि वह पीएचसी में घायलों का समुचित इलाज कर रहा था।
तभी गांव के ही राजू सिंह, बृजेश, जयपाल, प्रबल प्रताप व आशू शराब के नशे
में आकर मारपीट करने लगे। उसने भाग कर अपनी जान बचाई। बताया कि अगर एक मकान
में न घुसता तो हमलावर मार डालते। पुलिस ने फार्मासिस्ट की तहरीर पर
पांचों आरोपियों के खिलाफ बलवा, सरकारी कार्य में बाधा व दलित उत्पीड़न का
मुकदमा दर्ज किया है।
वहीं थानाध्यक्ष अजीत कुमार यादव ने बताया कि
उन्होंने घायलों को एक एंबुलेंस और एक प्राइवेट वाहन से जिला अस्पताल भेजा।
वहीं कुछ घायलों को वह अपनी पुलिस जीप पर जिला अस्पताल लेकर आ रहे थे। तभी
राजू सिंह, बृजेश, जयपाल, प्रबल प्रताप, आशू व अज्ञात लोगों ने उनके वाहन
में पथराव किया। जिसमें उनके खासी चोटें आई है। पथराव करने वाले आरोपियों
के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।