हमीरपुर। जिले के करीब 32 हजार किसानों का 428 करोड़ रुपये का बकाया है। संबंधित बैंकों ने इन्हें डिफाल्टर घोषित कर रखा है। इसका सबसे बड़ा कारण किसानों का समय से अपने लोन खाते पर लेन-देन न करना है। इससे बैंक इनसे साढ़े 11 फीसदी की ब्याज दर से वसूली करती है। दैवी आपदाओं का मारा किसान धीरे-धीरे कर्ज के बोझ तले दबता चला जाता है।
अब योगी सरकार ने लघु व सीमांत किसानों को छह फीसदी की ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने का फैसला लिया है। इन किसानों को सहकारी ग्राम विकास बैंक के माध्यम से कर्ज दिलाया जाएगा। इससे इन किसानों को साढ़े पांच फीसदी ब्याज दर में राहत मिलेगी।
जिले में संचालित 21 बैंकों ने करीब 99 हजार किसानों को 1,617 करोड़ का कर्ज दिया है। इनमें सबसे अधिक उप्र ग्रामीण बैंक ने 8,351 किसानों को 101 करोड़ से अधिक का कृषि ऋण दिया है। एलडीएम संगमलाल के अनुसार करीब 32 हजार किसानों का 428 करोड़ का एनपीए बकाया है। कहा कि सरकार द्वारा लघु व सीमांत किसानों को ब्याज दर में साढ़े पांच फीसदी की छूट देकर किसानों के हक में सराहनीय कार्य किया है।
एआर रमाकांत द्विवेदी ने बताया कि जिले भर में कुल 46 समितियां संचालित हैं। बीते माह चलाए गए सदस्या अभियान के तहत साढ़े 10 हजार किसानों को सदस्य बनाया गया है। इनके अलावा एक लाख से अधिक किसान पहले से समितियों की सदस्यता लिए हुए हैं। इनमें 50 फीसदी से अधिक किसान खाताधारक हैं। इन्हें समितियों के माध्यम से ऋण भी उपलब्ध कराया जाता है।
छोटे किसानों के लिए सरकार ने किया ख्याल
सदर तहसील के पत्योरा गांव निवासी गुड्डू सिंह ने बताया कि छह फीसदी ब्याज दर पर किसानों को ऋण उपलब्ध कराना अच्छी पहल है। पहले बैंक 11.5 फीसदी तक ब्याज लेते थे। इससे किसान ब्याज भरते-भरते कंगाल हो जाता था। हम छोटे किसानों के लिए सरकार ने कुछ तो ख्याल किया।
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सभी बैंकों पर लागू हो ये नियम
कारीमाटी निवासी किसान बबलू सिंह कहते हैं कि यह नियम केवल सहकारी ग्राम विकास तक ही नहीं, बल्कि सभी बैंकों के लिए लागू किया जाए। तभी किसानों को इसका पूर्णतया लाभ मिल सकेगा।