फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hamirpur News: यमुना और बेतवा पुल की तकनीकी जांच की, एक लेन से गुजरा ट्रैफिक

विज्ञापन
फोटो 18 एचएएमपी 38- यमुना पुल की कोठियों के नीचे क्रेन से निरीक्षण करती एनएचएआई की टीम। संवाद
विज्ञापन
हमीरपुर। कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-34) पर स्थित यमुना और बेतवा नदी के पुलों की सोमवार को तकनीकी जांच कराई गई। एनएचएआई और कार्यदायी संस्था जय बिल्डर की टीम ने क्रेन से पुल की कोठियों के नीचे उतरकर बेरिंग, पिलर और अन्य स्ट्रक्चर का निरीक्षण किया। जांच में एक लेन बंद कर दूसरी से वाहनों को रोक-रोक कर निकाला गया। इससे कुछ समय तक वाहनों की कतार लगी रही।
विज्ञापन



यमुना पुल पर सुबह करीब साढ़े दस बजे से साढ़े ग्यारह बजे तक जांच चली। इसके बाद दोपहर 12 बजे से एक बजे तक बेतवा पुल का निरीक्षण किया गया। पुल पर एक समय में एक लेन से ट्रैफिक निकाला गया। यातायात व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। एनएचएआई के इंजीनियर राकेश जैन की मौजूदगी में टीम ने पुल की कोठियों, बेरिंग और नीचे के स्ट्रक्चर की स्थिति देखी। जय बिल्डर के एक्सीडेंट मैनेजर सौरभ यादव ने बताया कि यह रूटीन तकनीकी जांच है जो हर पांच-छह माह में कराई जाती है।

प्रारंभिक निरीक्षण में कोई बड़ी तकनीकी खामी सामने नहीं आई है। सैंपल जांच रिपोर्ट 15 से 20 दिन में आने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। उन्होंने बताया कि यमुना पुल की पहली कोठी के पास सड़क पर हल्के गड्ढे और सतह पर क्षतिग्रस्त मिली थी जिसे भर दिया गया है। पुल के ऊपरी हिस्से पर डामर की मरम्मत की आवश्यकता भी बताई गई है।
विज्ञापन


48 से 50 साल पुराने हो चुके हैं दोनों पुल
एनएच-34 पर बना यमुना पुल वर्ष 1976 और बेतवा पुल वर्ष 1978 में तैयार हुआ था। दोनों पुलों की डिजाइन आयु करीब 40 वर्ष मानी गई थी लेकिन अब यमुना पुल करीब 50 वर्ष और बेतवा पुल 48 वर्ष पुराना हो चुका है। इसके बावजूद इन पुलों से रोजाना भारी वाहनों का दबाव गुजर रहा है। वर्ष 2025 में यमुना पुल पर बड़े स्तर पर मरम्मत कार्य कराया गया था। खराब बेरिंग बदलने और धंसी स्लैब को ठीक करने के लिए जून-जुलाई में कई सप्ताह तक सप्ताहांत पर पुल बंद रखा गया था। वहीं यमुना पुल की एक कोठी वर्ष 2016 में क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसके बाद उसकी मरम्मत कराई गई थी। इससे पहले भी वर्ष 2009, 2011, 2013 और 2015 में पुल पर मरम्मत कार्य हो चुका है।
बोले अधिकारी
पुलों की रूटीन तकनीकी जांच कराई गई है। कोठियों, बेरिंग और अन्य हिस्सों का निरीक्षण किया गया। अभी तक जांच में कोई बड़ी तकनीकी खामी नहीं मिली है। सैंपल रिपोर्ट आने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। - सौरभ यादव, एक्सीडेंट मैनेजर, जय बिल्डर




जांच के दौरान एक लेन से ट्रैफिक निकाला गया। यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए पुल पर पुलिस बल लगाकर वाहनों को रोका-छोड़ा गया। -असित कुमार, यातायात प्रभारी
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें