फोटो30एचएएमपी 06 चंदूपुर जाने वाली सड़क। संवाद
हमीरपुर। स्कूल जाने के लिए कीचड़ और दलदल से जूझ रहे बच्चों की आवाज आखिरकार शासन तक पहुंच गई। चंदूपुर-ब्रह्माडेरा के बीच बदहाल पड़े 1600 मीटर सड़क मार्ग के निर्माण की शासन ने मंजूरी दे दी है। इस पर करीब सवा करोड़ रुपये खर्च होंगे। लोक निर्माण विभाग ने टेंडर प्रक्रिया पूरी करने का दावा किया है। मौसम साफ होते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
हमीरपुर-मनकी मार्ग से जुड़ा यह रास्ता लंबे समय से ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बना था। बारिश होते ही करीब डेढ़ किलोमीटर सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती थी। चंदूपुर, ब्रह्माडेरा समेत आसपास के गांवों के बच्चों को इसी रास्ते से होकर स्कूल जाना पड़ता था। कीचड़ में फिसलने और कपड़े खराब होने की स्थिति भी सामने आती थी। सड़क निर्माण की मांग कर बच्चों ने तीन जुलाई को पहली बार कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया था। सुनवाई न होने पर उन्होंने 11 अगस्त को दोबारा सड़क पर उतरकर आवाज बुलंद की थी। प्रदर्शन से बदहाल सड़क का मुद्दा प्रशासन और शासन तक पहुंचा। अमर उजाला ने भी बच्चों की परेशानी और सड़क की बदहाली को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। अब मंजूरी मिलने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद है कि समस्या का स्थायी समाधान होगा।
लोनिवि के अनुसार सड़क निर्माण के लिए करीब 1.25 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ है। 1600 मीटर सड़क का निर्माण कराया जाएगा। विभाग ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। विभाग का दावा है कि मौसम अनुकूल होते ही सड़क निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।