फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hamirpur News: हड़ताल से बिगड़े हालात... उपचार के लिए घंटों इंतजार

विज्ञापन
फोटो 16 एचएएमपी 19- जिला अस्पताल की ब्लड जांच लैब में काम करती स्टॉफ नर्स। संवाद
विज्ञापन
- 550 से अधिक एनएचएम संविदाकर्मियों के कार्य बहिष्कार से चरमराई स्वास्थ्य सेवाएं
विज्ञापन


- जिलाध्यक्ष का दावा, मांगे पूरी होने तक जारी रहेगी अनिश्चितकालीन हड़ताल



संवाद न्यूज एजेंसी


हमीरपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत डॉक्टरों और कर्मचारियों की हड़ताल का असर अब जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दिखने लगा है। अस्पताल में रोजाना 500 से 600 मरीज ओपीडी में उपचार कराने पहुंचते हैं, लेकिन डॉक्टरों सहित एलटी हड़ताल पर होने से व्यवस्था बिगड़ गई है। मरीजों को घंटों इलाज के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।

मरीजों की भीड़ के बीच उपचार की जिम्मेदारी संभालने के लिए शेष डॉक्टरों का ड्यूटी का समय बढ़ा दिया गया है। साथ ही उनके अवकाश भी निरस्त कर दिए गए हैं। अब बेहद जरूरी परिस्थितियों में ही छुट्टी दी जा रही है। जिले में करीब 550 एनएचएम संविदाकर्मी हैं। इनमें करीब 400 संविदाकर्मी हड़ताल पर है। केवल इमरजेंसी सेवाएं ही संचालित की जा रही हैं।
विज्ञापन

जिला अस्पताल में एनएचएम के करीब 35 स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती है। इनमें 13 चिकित्सक, तीन एलटी सहित स्टॉफ नर्स हैं। एनएचएम के तहत काम करने वाले डॉक्टर और कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। इससे अस्पताल में उपलब्ध डॉक्टरों की संख्या घट गई है। गिने चुने डॉक्टरों को ही ओपीडी में आने वाले मरीजों को देखना पड़ रहा है।

वहीं एनएचएम के तहत कार्यरत डॉक्टर, एलटी, एएनएम, आशा, संगिनी और अन्य कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। कर्मचारियों ने पहले 10 अक्तूबर तक सीएमओ कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद वे लखनऊ में चल रहे आंदोलन में शामिल हो गए। हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर विपरीत असर पड़ा है।

-



इलाज कराने में लगे ढाई घंटे

दोपहर करीब 12 बजे जिला अस्पताल आए थे। भीड़ होने के कारण चिकित्सक को दिखाने में डेढ़ घंटे लग गए। इसके बाद एक्सरा और प्लास्टर कराया। दवा फिर भी नहीं ले पाए। - संतराम, नरायच।



नहीं मिल पाई दवा

40 किमी दूर से चलकर आई है। दोपहर सवा 12 बजे आ गई थी। जिला अस्पताल के हड्डी रोग विभाग में भीड़ अधिक होने के कारण एक घंटे इंतजार करना पड़ा। दवा काउंटर बंद होने से दवा नहीं मिल पाई। - सुमित्रा, मौदहा।



वर्जन:

अस्पताल में एनएचएम के करीब 35 स्वास्थ्य कर्मी तैनात हैं। इनमें करीब 13 चिकित्सक शामिल हैं। कुछ कर्मी हड़ताल पर जाकर वापस आ जाते हैं, जिससे मरीजों को कोई दिक्कत न हो। तीन एलटी के न होने से खून जांच में कुछ देरी हो रही है। इसके अलावा कोई भी स्वास्थ्य सेवा प्रभावित नहीं है। - डॉ. आरएस प्रजापति, सीएमएस जिला अस्पताल।
विज्ञापन

============



अभी करो तुरंत करो, हमको परमानेंट करो

- 50 से अधिक आशाओं ने भरी हुंकार, डीएम को सौंपा ज्ञापन

फोटो 16 एचएएमपी 23- कलक्ट्रेट परिसर में अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करती आशाएं। संवाद

हमीरपुर। आशा संगिनी और आशा कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट परिसर में अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इन्होंने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए कहा कि अभी करो तुरंत करो, हमको परमानेंट करो, दो हजार में दम नहीं, 21 हजार से कम नहीं आदि नारे लगाते हुए विरोध जताया। साथ ही डीएम को ज्ञापन सौंपकर 23 अक्तूबर को लखनऊ जाने की चेतावनी दी है। शुक्रवार को 50 से अधिक आशा कार्याकताओं ने कलक्ट्रेट परिसर में विरोध प्रदर्शन करते हुए मिशन निदेशक एनएचएम और मुख्य सचिव को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा है। इनकी मांग है कि इन्हें राज्य कर्मचारी का दर्ज दिया जाए, आशा संगिनी को प्रतिमाह 26 हजार रुपये मानदेय और आशा कार्यकर्ता को 21 हजार रुपये मानदेय किया जाए। एसोसिएशन की अध्यक्ष कुसुमलता यादव ने कहा कि वर्ष 2005 से सभी आशा संगिनी व आशा कार्यकर्ता एनएचएम के तहत स्वास्थ्य सेवाएं दे रही हैं। उक्त मांगे पूरी होने तक वह कार्य बहिष्कार करेंगी और राज्य कार्यकारिणी के आवाह्न पर 23 अक्तूबर को लखनऊ कूच करेंगी। संवाद

फोटो 16 एचएएमपी 19- जिला अस्पताल की ब्लड जांच लैब में काम करती स्टॉफ नर्स। संवाद

फोटो 16 एचएएमपी 19- जिला अस्पताल की ब्लड जांच लैब में काम करती स्टॉफ नर्स। संवाद

फोटो 16 एचएएमपी 19- जिला अस्पताल की ब्लड जांच लैब में काम करती स्टॉफ नर्स। संवाद

फोटो 16 एचएएमपी 19- जिला अस्पताल की ब्लड जांच लैब में काम करती स्टॉफ नर्स। संवाद

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें