फोटो 29 एचएएमपी 10- पं. दीनदयाल इंटर कॉलेज चिकासी। संवाद
हमीरपुर। यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया हवाई दूरी के आधार पर किए जाने से जमीन पर दूरी चौगुनी हो गई है। बोर्ड ने ही मानक नियमों को ठेंगा दिखा दिया है। विद्यालय से केंद्र की अधिकतम दूरी का मानक सात से 12 किलोमीटर है जबकि जिले में 30-100 किलोमीटर तक दूर केंद्र बनाए गए हैं। बोर्ड की ओर से सूची जारी होने के बाद अब तक 44 आपत्तियां आई हैं। जिला स्तरीय समिति अब इनका निस्तारण करेगी। आगामी छह नवंबर को केंद्रों की अंतिम सूची प्रकाशित की जाएगी।
हवाई दूरी (एरियल डिस्टेंस) के आधार पर जिस दूरी को सात से 12 किलोमीटर तक बताया गया है, वह सड़क मार्ग से वह चार गुनी से भी ज्यादा है। बोर्ड के पोर्टल पर मंगलवार को जारी हुई केंद्रों की सूची देख परीक्षार्थी, अभिभावक और शिक्षक हैरान हैं। इनकी सबसे बड़ी चिंता सुदूर इलाकों से केंद्रों तक तय समय में पहुंचने की है। पंडित दीनदयाल इंटर कॉलेज चिकासी की 32 छात्राओं का केंद्र राजकीय इंटर कॉलेज हमीरपुर में बनाया गया है। बोर्ड ने इनकी दूरी का भी कोई जिक्र नहीं किया है जबकि सड़क मार्ग से मुख्यालय पहुंचने में छात्राओं को 100 किमी से ज्यादा दूरी तय करनी होगी। इसी विद्यालय के 43 विद्यार्थियों का केंद्र नेशनल इंटर कॉलेज मौदहा भेजा गया है। इसकी दूरी भी करीब 70 किलोमीटर है।
इस बार हाईस्कूल और इंटर की बोर्ड परीक्षा में 29,820 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं।
पिछले वर्ष 30 हजार से अधिक विद्यार्थियों के लिए 43 केंद्र बनाए गए थे। परीक्षार्थियों की संख्या घटने के साथ ही इस बार केंद्रों की संख्या घटकर 40 रह गई है। इनमें सात राजकीय, 33 वित्तपोषित और वित्तविहीन विद्यालय शामिल हैं। इनमें चार केंद्र नए शामिल किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों के लिए विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं का बोर्ड ने तहसील स्तरीय समिति से सत्यापन कराया था। इनकी रिपोर्ट के बाद निर्धारित मानकों के आधार पर केंद्रों की प्रारंभिक सूची जारी की गई है। बोर्ड ने तय किया था कि निधारित दूरी से ज्यादा किसी विद्यालय का केंद्र नहीं भेजा जाएगा लेकिन अब स्थिति इससे उलट है।