भरुआ सुमेरपुर (हमीरपुर)। डायट में वरिष्ठ लिपिक पद पर तैनात बाबू को अनियमिताओं में दोषी पाए जाने पर डिमोशन कर चपरासी (मूल पद) बना दिया। झांसी मंडल के संयुक्त निदेशक (जेडी) माध्यमिक शिक्षा वीपी मौर्य के आदेश पर चपरासी पद पर राजकीय इंटर कॉलेज कुरारा स्थानांतरित किया है। कार्रवाई से नाराज बाबू मेडिकल अवकाश पर चले गए हैं। इनका 31 मार्च को उनकी सेवानिवृति है। बेसिक शिक्षा विभाग उनसे आठ लाख रुपये की वसूली भी करेगा।
कस्बे में संचालित डायट में 2005 में कनिष्क लिपिक के रूप में हरि प्रकाश बाबू की नियुक्ति हुई थी। यह चरखारी डायट से स्थानांतरित होकर आए थे। वर्ष 2006 में यह पदोन्नति पाकर वरिष्ठ लिपिक हो गए और तभी से यहां कार्य कर रहे थे। वर्ष 2015 में किसी ने उनकी पदोन्नति के खिलाफ शिकायत कर दी। इस पर जांच शुरू हुई। लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इधर कुछ महीनों से डायट प्राचार्य का पद खाली होने पर कुछ माह पूर्व इसका चार्ज बेसिक शिक्षा अधिकारी आलोक सिंह को मिला था। इंचार्ज प्राचार्य ने इनकी जन्म कुंडली खंगाल कर मामले की शिकायत झांसी मंडल के संयुक्त निदेशक (जेडी) से की।
संयुक्त निदेशक वीपी मौर्य ने बताया कि हरिप्रकाश की नियुक्ति चपरासी पद पर 1992 में झांसी की एक इंटर कॉलेज में हुई थी। 1998 में वह प्रमोशन पाकर कनिष्क लिपिक पद पर डायट चरखारी में तैनाती हुई थी। नौ वर्ष बाद 2005 में यह चरखारी से सुमेरपुर डायट स्थानांतरित होकर आए। वर्ष 2006 में वह वरिष्ठ लिपिक पद पर प्रोन्नत हुए।
इसी बीच इन्होंने फर्जी आदेश बनाकर वेतन (एसीपी) बढ़ा लिया और निकासी करते रहे। जेडी ने गत 20 फरवरी को उनके बढ़े हुए वेतन का आठ लाख वसूलने के लिए रिकवरी आदेश जारी किया है।
वरिष्ठ लिपिक ने दूरभाष पर बताया कि उन्होंने किसी तरह की अनियमितताएं नहीं की है। सब कुछ शासन के नियमों के तहत किया है। उन्हें जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। उन्होंने जांच अधिकारी को सभी आदेश मुहैया करा दिए हैं।