कानपुर-सागर हाईवे पर हुई मार्ग दुर्घटना में दो लोगों की मौत के बाद तिलक समारोह की खुशियां चीख-पुकार में बदल गईं। हादसे की जानकारी होते ही कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया। दूल्हे के चचेरे भाई की मौत व सगे भाई की हालत गंभीर होने की सूचना जैसे ही परिजनों को मिली, वे लोग घटनास्थल व अस्पताल की ओर दौड़ पड़े। मोहल्ले वालों की भीड़ घर पर जुट गई।
विकासखंड क्षेत्र के अतरार गांव निवासी ग्राम पंचायत विकास अधिकारी कृपा शंकर तिवारी के पुत्र धीरेंद्र का गुरुवार को तिलकोत्सव था। जबकि 30 नवंबर को शादी तय है। तिलकोत्सव का कार्यक्रम छानी कस्बे से होना था और उसकी तैयारियां चल रही थीं। सुबह से ही नाते रिश्तेदारों का आना जाना शुरू हो गया। कृपा शंकर तिवारी का बड़ा पुत्र संजय उर्फ बीरू अपने रिश्तेदारों को साथ लेकर बोलेरो से सामान खरीदने के लिए मुख्यालय गया था।
सामान खरीदने के बाद वह अपने साथियों के साथ वापस छानी जा रहा था। तभी रास्ते में कुंडौरा के निकट दुर्घटना होने से दूल्हे के चचेरा भाई रामदयाल उर्फ अरुण तिवारी व मित्र आकाश सिंह की मौत हो गई। जबकि सगे भाई बीरू उर्फ संजय तिवारी समेत रिश्तेदार राघवेंद्र द्विवेदी व अविनाश मिश्रा गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे से अतरार गांव व कार्यक्रम स्थल छानी का माहौल गमगीन हो गया। नाते रिश्तेदार सदर अस्पताल पहुंचकर रोते बिलखते रहे। कार्यक्रम स्थल छानी में तिलकोत्सव की तैयारियां ठप हो गईं।
हादसे के बाद मची मचा कोहराम
हाईवे पर हुई दुर्घटना के बाद कोहराम मच गया। घायलों की आवाज सुनकर खेतों में काम कर रहे किसान दौड़कर मौके पर पहुंचे और घायलों को बोलेरो से निकालने में जुट गए। घटना के बाद खेत में काम कर रहे कुंडौरा निवासी रामबली कुशवाहा व इंद्रपाल कुशवाहा सहित अन्य लोगों के साथ अपना काम छोड़कर सड़क की ओर दौड़े और बोलेरो में फंसे घायलों को निकालने में जुट गए। लेकिन तब तक दो लोगों ने दम तोड़ दिया था। इन्हीं लोगों ने पुलिस को भी सूचना दी। जिस पर थानाध्यक्ष ने पहुंचकर इन सभी को सदर अस्पताल भेजा। इतनी बड़ा हादसादेखकर लोगों में सनसनी फैल गई।
शव देख निकल पड़ी चीख
शाम को गांव के शिवहरे गेस्ट हाउस से संपन्न होने वाले धीरेंद्र के तिलक समारोह की खुशियां पल भर में काफूर हो गईं। जैसे ही धीरेंद्र सहित परिजनों को दुर्घटना की सूचना मिली सभी सदर अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल पहुंचते ही धीरेंद्र अपने दोस्त आकाश व चचेरे भाई अरुण का शव देख चीख पड़ा। वहीं, अंदर घायलाें को देख गश खाकर गिर गया। जिसे चिकित्सकों ने होश में लाने के बाद धीरज रखने को कहा और मौजूद अन्य परिजनों ने ढांढस बंधाया। वहीं, वह यह कहकर फूट-फूट पड़ा कि अब वह अपने दोस्ताें के परिजनों को क्या जवाब देगा।
फोम डालकर आग पर पाया काबू
भिड़ंत के बाद डंपर में लगी आग को काबू पाने पहुंची दमकल की टीम ने पहले पानी से आग बुझाने का प्रयास किया। लेकिन जब आग नहीं बुझी, तो दमकल कर्मियाें ने फोम का प्रयोग कर आग पर काबू पाया। अग्निशमन प्रभारी रामसजीवन ने बताया कि जब तेल बगैरह में आग लगती है तो उसे बुझाने के लिए फोम का उपयोग करते हैं। बताया कि इसे पानी में मिलाकर प्रयोग में लाते हैं। जिससे उठने वाले झाग से तेल में लगी आग को आक्सीजन नहीं मिल पाती और आग बुझ जाती है।