हमीरपुर/राठ/सुमेरपुर/मौदहा। कानपुर-सागर हाईवे पर भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जन लागू होने से पेट्रोल पंप और ढाबा-होटल संचालकों, ट्रांसपोर्टरों और पंचर बनाने वाले तक पर मार पड़ी है। अकेले पेट्रोल पंप संचालकों का रोजाना करीब 45 लाख रुपये के नुकसान का अंदेशा है। वहीं, ढाबा-होटल और पंचर की दुकानें बंद होने की स्थिति में पहुंच जाएंगी।
कानपुर-सागर हाईवे (एनएच- 34) से होकर गुजरने वाले भारी वाहनों को खन्ना टोल प्लाजा से इटावा होते हुए निकाला जा रहा है। इस वजह से इस हाईवे के किनारे रोजगार से जुड़े लोग प्रभावित हो रहे हैं। कमाई का जरिया खत्म होने से व्यापार मंडल सहित ढाबा मालिकों, ट्रांसपोर्टरों और पेट्रोल पंप मालिकों में रोष भी है।
खनिज संपदा से संपन्न हमीरपुर और महोबा जिले में प्रदेश भर के करीब 20 हजार भारी वाहन रोजाना आते हैं। यह वाहन यहां से मौरंग व गिट्टी लेकर जाते हैं। इससे कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास लोगों को रोजगार मिला हुआ है। कई लोग पंचर बनाकर जीवनयापन कर रहे हैं। रूट डायवर्जन से सुमेरपुर, मौदहा सहित अन्य स्थानों में व्यापार कर रहे पेट्रोल पंप, ढाबा संचालक और ट्रांसपोर्टरों को भारी नुकसान हो रहा है।
15 पेट्रोल पंपों को रोजाना 45 लाख का घाटा
पेट्रोलियम एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र कुमार गुप्ता बताते हैं कि खन्ना से हमीरपुर तक सभी कंपनियों के करीब 15 पेट्रोल पंप संचालित किए जा रहे हैं। भारी वाहनों के रूट डायवर्जन से पेट्रोल पंपों का रोजाना करीब 45 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। डीएम को ज्ञापन देकर रूट डायवर्जन बंद कराए जाने की मांग की जाएगी।
10 लाख का कर्ज लेकर खोला था ढाबा, अब संकट
हाईवे पर नरायनपुर के पास संचालित प्रेम इलायची ढाबा के संचालक प्रेम सिंह कहते हैं कि नया डायवर्जन लागू होने से व्यापार ठप हो गया है। ढाबा संचालन के लिए खादी ग्रामोद्योग से 10 लाख का ऋण लिया था। अभी डेढ़ लाख कर्ज चुकाना बाकी है। भारी वाहनों के डायवर्जन से कारोबार लगभग ठप हो गया है। कमाई नहीं होगी तो कर्ज चुकाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। जीवनयापन के लिए भी दिक्कत खड़ी हो जाएगी।
एक दिन में 20 रुपये की हुई आमदनी
- मकरांव हाईवे के किनारे टायर पंचर बनाने वाले खुर्शीद ने बताया कि क्षेत्र में करीब 80 टायर पंचर की दुकानें हैं। अब से पहले रोजाना दो से ढाई हजार रुपये कमा लेता था। मंगलवार को केवल 20 रुपये की आमदनी हुई है। अब कैसे परिवार का पालन पोषण कैसे चलेगा कुछ समझ में नहीं आ रहा है।
रूट डायवर्जन से चौपट हुआ रोजगार
- व्यापार मंडल के चेयरमैन अवधेश पालीवाल ने बताया कि बुंदेलखंड का हमीरपुर जनपद काफी पिछड़ा हुआ है। सागर हाईवे पर भारी वाहन चलने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिला था। अब भारी वाहनों का रूट डायवर्ट होने से इनके सामने जीवनयापन की समस्या उत्पन्न हो गई है।
कर्मचारियों व मेंटीनेंस का नहीं निकल रहा खर्चा
- गुप्ता फिलिंग के मालिक प्रशांत गुप्ता ने बताया कि ट्रकों के नहीं आने से डीजल की बिक्री में भारी कमी आई है। आमदनी तो छोड़िए कर्मचारियों और पंप के मेंटीनेंस का खर्च निकलना मुश्किल हो रहा है। यदि भारी वाहनों का डायवर्जन लागू रहा तो दिक्कत हो जाएगी।