गारली में हवन-पूजन और भंडारे के साथ कथा ज्ञान सप्ताह का विधिवत समापन
आध्यात्मिक गुरु शेखर सुमन ने किया सद्मार्ग पर चलने का आह्वान
संवाद न्यूज एजेंसी
सलौणी (हमीरपुर)। गारली में विश्व शांति और सबका कल्याण की कामना के साथ श्रीमद्भागवत कथा को मंगलवार को विश्राम दिया गया। विशेष-हवन पूजन और पूर्णाहुति के बाद भंडारे के साथ श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान सप्ताह का विधिवत समापन हुआ। इस माैके पर क्षेत्र के लोगों ने बढ़ चढ़कर हाजिरी भरी और श्रीमद्भागवत का पुण्य कमाकर घरों को लौटे। हरिनाम संकीर्तन में भाव-विभोर होकर श्रद्धालु आस्था और भक्ति के सागर में गोते लगाते दिखे। व्यास गद्दी से शिवपुरी धाम समताना के आध्यात्मिक गुरु स्वामी शेखर सुमन (गुरु जी) ने श्रद्धालुओं से जीवन में सद सद्मार्ग पर रहकर अच्छे कर्मों के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
गुरु ने जी ने ज्ञान सप्ताह के अंतिम दिन राजा परिक्षित के मोक्ष मार्ग के प्रसंग का व्याख्यान सुंदर ढंग से करते हुए कहा कि जन्म और मृत्यु के बंधन से मुक्त हो जाना ही मोक्ष है। राजा परिक्षित से सात दिन सुखदेव मुनि के मुखारबिंद से श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण शांतचित्त होकर पूरे भक्तिभाव से किया। उन्होंने कहा कि व्यास गद्दी के सामने बैठकर श्रीमद्भागवत कथा का शांत मन से श्रवण पुण्यदायी होता है। जीवन में जब भी जितनी बार भी श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण का माैका मिले, उसका लाभ उठाकर अपने कर्मों को सुधारें। द्वेष-ईष्र्या व लोभ से दूर रहकर संतुष्टि और त्याग को जीवन जीने का मूलमंत्र बनाएं। असंतुष्ट मनुष्य सबकुछ होते हुए भी इधर-उधर की बातों, भोग-विलासिता और लोभ में भटकता रहा है। दूसरी ओर संतुष्ट मनुष्य अभाव और विकट परिस्थितियों में भी भोग-विलासिता से दूर रहकर सुखमय जीवन जीता है।