राठ में घटना की जानकारी देता मजदूर श्ंाकर।
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राठ (हमीरपुर)। बेतवा नदी के तलहटी क्षेत्र के गांवों में इन दिनों अवैध खनन का धंधा चल रहा है। खेतों से निकालकर मौरंग महंगे दामों पर बेची जा रही है। खेत मालिक इसके लिए परमीशन भी जिलाधिकारी से नहीं लेते हैं। परमीशन न लेने की वजह से सरकार को राजस्व की भी हानि हो रही है। राठ कोतवाली के पडरा गांव समेत आधा दर्जन गांवों में इस समय अवैध मौरंग का धंघा चल रहा है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि बारिश में नदी का पानी बढ़ने से तलहटी क्षेत्र के गांवों के खेतों में मौरंग बहकर आ जाती है। इसके बाद उसके ऊपर मिट्टी जम जाती है। खेत मालिक मिट्टी हटाते हैं तो मौरंग निकल आती है। इस तरह आधा दर्जन गांवों में इस समय खेतों में अवैध खनन हो रहा है। मजदूर मौरंग निकालकर ट्रैक्टरों में भर देते हैं। इसके बाद खेत मालिक मौरंग बड़े आढ़तियों को बेच देते हैं। इस तरह से खेत मालिकों को मौरंग बेचने से अच्छी खासी
खेतों से अवैध तरीके से मौरंग निकालने के मामले में अफसर भी आंख मूंदे हैं। स्थानीय पुलिस तक इसका हिस्सा पहुंच जाता है। इस वक्त कस्बा खेड़ा, कुछेछा, सरगांव, गडहर, लिधौरा, मझगवां आदि स्थानों से रोज सैकड़ों ट्रैक्टरों से मौरंग भेजी जा रही है। बताया जाता है कि पड़रा गांव में पिछले कई महीनों से पुलिस की मिलीभगत से अवैध खनन चल रहा है। मौरंग खनन कराने वाले बताते हैं कि हर महीने पुलिस को मोटी रकम दी जाती है। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने मौरंग के खनन पर पूरी तरह से पाबंदी लगा रखी है। बेतवा नदी में पड़ने वाले चिकासी, जिगनी, इस्लामपुर, इछौरा आदि स्थानों पर रोज सैकड़ों की तादाद में ट्रकों से मौरंग भेजी जा रही है। अवैध खनन में सुबह से शाम तक मजदूर लगे रहते है। विधायक गयादीन अनुरागी ने कहा कि प्रशासन के इशारे पर मौरंग का खुलेआम खनन किया जा रहा है। एसडीएम मुहम्मद रिजवान ने बताया कि अभी उनको चार्ज लिए दो ही दिन हुए हैं। इसलिए उनको अवैध खनन के बारे में पूरी जानकारी नहीं है। घटना होने के बाद अवैध खनन का पता चला है। अब इस पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी। अवैध खनन करने वालों पर प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा।