बीआरजीएफ (पिछड़ा क्षेत्र अनुदान योजना) से हुए कार्यों में की गई धांधली
की परतें खुलने लगीं है।प्रमुख सचिव पंचायती राज ने प्रदेश में चयनित 101
परियोजनाओं की जांच के दिए आदेशों के क्रम में जिले के सिर्फ दो ग्राम
सचिवालयों को देखा। इन सचिवालयों की जांच स्टेट लेवल मॉनीटर योगेश माथुर के
नेतृत्व में आई टीम ने की। टीम ने दोनों भवन बेहद जर्जर पाए। इस पर
कार्यदाई संस्था यूपीपीसीएल से 3.134 लाख रुपये की रिकवरी करने की संस्तुति
की है। वहीं जर्जर भवनों की मरम्मत कराने के साथ संबंधित अधिकारियों के
खिलाफ विभागीय कार्रवाई प्रस्तावित की है।
पंचायती राज विभाग परियोजना
निदेशक उदयवीर सिंह यादव ने जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी है। इस पत्र
में कहा है कि विकासखंड कुरारा के चकोठी और जल्ला गांवों में स्टेट लेवल
टीम ने बनाए गए ग्राम सचिवालय की जांच की। जिनके भवनों में पाया कि 11 हजार
की लागत से बनने वाला बाउंड्रीबाल गेट नहीं बनाया है।
वहीं भवन में बिजली
फिटिंग न कराकर 48 हजार रुपये डकार लिए। कमरे व बरामदे की फर्श धंसी मिली।
वहीं खिड़कियों के पल्ले हल्की चादर व शीशे टूटे मिले। मीटिंग हाल समेत
अन्य दीवारें चटकी मिलीं तो सीलिंग के नीचे वियरिंग प्लास्टर नहीं किया गया
है। चकोठी के सचिवालय हाल में मवेशी बैठे मिले। प्रत्येक सचिवालय निर्माण
को 10.74 लाख की स्वीकृति दी गई थी।
लेकिन कार्यदाई संस्था यूपीपीसीएसएल ने
क्रमश: 4.93 लाख रुपये का अधिक भुगतान निकाल लिया। फिलहाल ग्राम सचिवालय
जल्ला में लगाया गया हैंडपंप खराब और ईंटें रखी मिलीं। बरामदे की फर्श में
एप्रेन कार्य नहीं हुआ। परियोजना निदेशक ने भवनों में भारी धांधली पाए जाने
की बात कही है।
पत्र में कहा है कि प्रदेश के जिलों में 101 परियोजनाओं की
जांच कराई गई है। जनपद में स्टेट लेवल मॉनीटर योगेश माथुर ने प्रस्तावित
जांच टीम के साथ किए गए सत्यापन/निरीक्षण आख्या दी है। अनियमितताओं पर
3.134 लाख रुपये की धनराशि की रिकवरी करने को कहा है, साथ ही अधूरे कार्यों
को पूरा कराने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने को
प्रबंध निदेशक यूपीपीसीएल को लिखा है।