मौदहा क्षेत्र के इचौली गांव स्थित एसबीआई शाखा में तैनात रहे एक सहायक ने
अज्ञात व्यक्ति के साथ मिलकर खातेदारों को जमकर चूना लगाया। एक दर्जन से
अधिक खातेदारों के खातों में पड़ी रकम फर्जी हस्ताक्षर के सहारे हड़पी।
बीते वर्ष 2012-13 में की गई धांधली की विभागीय जांच में कर्मी दोषी पाया
गया। तब पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो बैंक प्रबंधक ने न्यायालय की शरण
ली। अदालत के आदेश पर रविवार को पुलिस ने बैंक सहायक व एक अज्ञात के विरुद्ध
धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
इचौली स्थित स्टेट बैंक शाखा के
प्रबंधक रामशरण ने अदालत के आदेश की रविवार को तहरीर दी। कहा है कि बैंक
में सहायक पद पर तैनात रवींद्र सिंह पुत्र सुरेंद्र सिंह निवासी मझगवां ने
एक अज्ञात व्यक्ति से मिलकर बैंक के खातेदारों के फर्जी अंगूठे लगाकर उनका
धन आहरण किया और कुछ खातों के पैसे दूसरी बैंकों में स्थानातंरित कर हड़प
लिए।
बताया कि इचौली गांव निवासी मृतक खातेदार नूर मोहम्मद के खाते से 8
अक्तूबर 2012 को अंगूठा लगवाकर पांच हजार रुपये निकाले गए। जबकि उसकी मौत
13 सितंबर 2012 को हो चुकी थी। इस मामले में उसके कथित उत्तराधिकारी
निजामुद्दीन ने बैंक को सूचना दी थी। इसी तरह कमलेश कुमार ने खाते में 29
जनवरी 2013 को 1100 रुपये जमा किए।
लेकिन यह रकम उसके खाते में न दर्जकर
हड़प ली गई। खाताधारक शिवराम पुत्र रामधीन निवासी फत्तेपुरवा के खाते से 19
अक्तूबर 2013 को 5500 रुपये निकाल लिए। वहीं अब्बास पुत्र मंजूर के खाते
से 25 हजार रुपये फर्जी अंगूठा लगाकर निकाल लिए गए।
खाताधारक राजेंद्र
कुमार पुत्र प्रभुदयाल निवासी अकबई के खाते से 24 सितंबर 2013 को 5060
रुपये, छिद्दू पुत्र मुखिया निवासी कुलकुवां महोबा के खाते से 28 सितंबर
2013 को 15 हजार रुपये व श्रीराम शर्मा पुत्र राजाराम के 20 हजार रुपये तथा
रामदास के 23 हजार किसी अन्य बैंक खाते में 29 जुलाई 2013 को ट्रांसफर कर
दिए गए। बैंक प्रबंधक ने कहा कि इसी तरह अन्य खातेदारों के रुपये भी
हेराफेरी करके हड़पे गए हैं।