हमीरपुर। कालपी चौराहे पर फल का ठेला लगाने वाले राजकुमार निषाद उर्फ राजू की गोली मारकर हत्या के मामले में छह दिन बाद भी शूटर की पहचान नहीं हो सकी है। 16 अक्तूबर की शाम करीब 5:15 बजे राजू को गोली लगी थी। उसे जिला अस्पताल से कानपुर रेफर किया गया जहां 18 अक्तूबर को उसकी मौत हो गई। सीटी स्कैन और पोस्टमार्टम में गोली लगने की पुष्टि हुई है। हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस की तीन टीमें लगाई गई हैं।
पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ घटना से पहले और बाद में दिखाई दिए चार युवकों की पहचान कराने में जुटी है। सीसीटीवी फुटेज में चार युवक घटना से पहले राजू के ठेले के आसपास से गुजरते दिखाई दिए। कुछ समय बाद पास की दुकान पर लगे दूसरे कैमरे में यही युवक कोल्ड ड्रिंक पीते नजर आए। पुलिस उनकी तस्वीरें लोगों को दिखाकर पहचान कराने का प्रयास कर रही है। आसपास के अन्य कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। हालांकि अभी तक इन युवकों की पहचान और घटना में उनकी भूमिका की पुष्टि नहीं हुई है। कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि घटना से जुड़े चार युवकों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। उनकी तस्वीरें लोगों को दिखाकर पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है और अन्य सीसीटीवी फुटेज भी देखी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि मारपीट की जानकारी पुलिस को नहीं है। हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस की तीन टीमें लगाई गई हैं।
छह दिन पहले बदली थी ठेले की जगह
राजू के बेटे सतेंद्र ने बताया कि नवरात्र में दुर्गा प्रतिमा और पंडाल लगने के कारण उनके पिता ने घटना से करीब छह दिन पहले ठेले की जगह बदल दी थी। नई जगह पर फल की बिक्री भी ठीक हो रही थी। सतेंद्र ने पहले उसी स्थान पर फल का ठेला लगाने वाले एक व्यक्ति पर संदेह जताया है जो आसपास रहता है। परिवार चाहता है कि पुलिस इस पहलू की भी जांच करे। हालांकि, संबंधित व्यक्ति की घटना में संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है।
10 रुपये के केले के भुगतान के दौरान चली गोली
राजू की मां राजकुमारी ने बताया कि एक वृद्ध दस रुपये के केले लेकर गया था और बाद में पैसे देने लौटा। उनके अनुसार, वह रुपये देने के लिए हाथ बढ़ा रहा था, तभी गोली चल गई। राजकुमारी ने गोली चलाने वाले को देखने की बात नहीं कही। परिवार के अनुसार, वह वृद्ध जूते-चप्पल की मरम्मत का काम करता है। हालांकि, उसकी पहचान और घटना में भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि उसका सीसीटीवी में दिखाई दिए चार युवकों से कोई संबंध है या नहीं।
परिवार को पुरानी रंजिश की जानकारी नहीं
राजू के बेटे सतेंद्र ने बताया कि परिवार को किसी पुरानी रंजिश की जानकारी नहीं है। परिजनों ने पुलिस से सभी पहलुओं की जांच कर वास्तविक आरोपी का पता लगाने की मांग की है। परिवार चाहता है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो और किसी निर्दोष को गलत तरीके से न फंसाया जाए।
जांच में इन सवालों के जवाब मिलने बाकी
राजू को गोली किस दिशा से लगी और गोली चलाने वाला कहां मौजूद था।
गोली सीधे लगी थी या किसी सतह से टकराकर शरीर में पहुंची।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच से गोली और हथियार के प्रकार के बारे में क्या जानकारी मिलती है।
10 रुपये के केले का भुगतान करने लौटे वृद्ध की पहचान और घटना के समय उसकी वास्तविक भूमिका क्या थी।
ठेले की पुरानी जगह को लेकर परिवार ने जिस व्यक्ति पर संदेह जताया है, जांच में उसके संबंध में क्या सामने आता है।