राठ। इस वर्ष उम्मीद से अधिक बारिश होने से उड़द व मूंग की फसल को काफी क्षति देखी जा रही है। अभी तक करीब पचास प्रतिशत फसलों को नुकसान की संभावना जताई जा रही है। किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं।
खरीफ फसल में उड़द, मूंग, तिल, मूंगफली, सोयाबीन अधिक मात्रा में बोई गई है। अच्छी बारिश से खेतों में फसलें लहलहा रहीं थीं। उड़द व मूंग की फलियां पक कर कटाई के लिए तैयार थीं। अच्छी उपज की उम्मीद में किसान खुशी से फूले नहीं समा रहे थे। मगर बीते एक माह से रुक रुककर बारिश जारी है। जरूरत से अधिक पानी होने पर खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ीं फसलें सड़ने की कगार पर पहुंच गईं हैं।
लींगा के अरुण कुमार, कुम्हरिया के माताप्रसाद, चिल्ली के कमलापत, सरसई के इंद्रेश कुमार, रविंद्र कुमार, महेशचंद्र, उमरिया के पूरन, खड़ाखर के अखिलेश आदि ने बताया खरीफ फसल से होने वाला मुनाफा रबी का खर्च उठाने में काम आता है। बताया अभी तक करीब पचास प्रतिशत से अधिक नुकसान हो चुका है।
नंदना के प्रांजुल राजपूत ने बताया 70 बीघा में उड़द की फसल की है। फलियां कटाई के लिए पक कर तैयार थीं। अधिक बारिश के चलते फलियां सड़ चुकीं हैं। जिनके बीजों में नए पौधे निकलने लगे हैं।
नौहाई गांव के वीरेंद्र सिंह ने बताया 6 बीघा में उड़द व मूंग की फसल बोई थी। अधिक बारिश के कारण उरद की फसल को करीब पचास प्रतिशत नुकसान हो चुका है। मूंग की फसल पूरी तरह नष्ट है।