भरुआसुमेरपुर। 24 घंटे की बारिश ने कस्बा समेत ग्रामीण क्षेत्र में जमकर कहर बरपाया। डेढ़ दर्जन से ज्यादा कच्चे मकान ढह गए। सर्वाधिक नुकसान कुंडौरा में हुआ है। यहां रविवार को आंधी व बारिश ने बेहाल किया। नीम का पेड़ उखड़कर सजीवन कुशवाहा के मकान पर जा गिरा। इस घटना में पूरा परिवार बाल-बाल बच गया।
शनिवार रात से शुरू बारिश का सिलसिला रविवार को दिनभर जारी रहने के बाद देर रात थमा। इस दौरान 19 कच्चे मकान जमींदोज हो गए। इससे लोगों में हड़कंप मच गया। कस्बे के कपड़िया में वासुदेव निषाद का कच्चा मकान ढह गया।
इस मकान में दिव्यांग राजू किराए पर रहकर फल बेचकर जीवन यापन करता था। वह बाल-बाल बच गया। कुंडौरा के प्रधान प्रतिनिधि अरविंद प्रताप सिंह यादव ने बताया रविवार को 11 लोगों में प्रेम वर्मा, हरी यादव, शिव बहोरी, हरपाल, विजय जोशी, राम सिंह यादव, उमाशंकर पाल, चुनकू कुशवाहा, आशादीन वर्मा, रामनाथ वर्मा के मकान ढहे हैं।
सभी लोगों का भारी नुकसान हुआ है। इनमें कोई हताहत नहीं हुआ। अमिरता प्रधान सुनील सचान ने बताया चंदुलीतीर मजरा में मिथलेश निषाद, विधवा रामरानी, सियाराम, जयराम, रामकिशुन, रविशंकर, जयराम पुत्र सुरजन के मकान ढह गए हैं। प्रधानों ने बताया लेखपालों को अवगत कराया है। सर्वे के बाद नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट प्रशासन को भिजवा कर मदद की मांग की जाएगी।