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फिर तबाही के मुहाने पर खड़ा अन्नदाता...

Wed, 24 Aug 2016 12:47 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, हमीरपुर
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लोगों के सामने नाव ही सहारा। बाएं तिल की फसल का हाल। - फोटो : अमर उजाला
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सूखे में शासन प्रशासन का मुंह ताकते रहे किसानों को अब बारिश ने तबाह कर दिया है। एक ओर जहां नदियों की बाढ़ से किनारे के गांवों की फसलें बरबादी की कगार पर पहुंच चुकी हैं वहीं ग्रामीणों के पास सिर छिपाने को जगह भी नहीं है।
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लगभग सभी गांवों में यही स्थिति है। कलौलीजार गांव की रिपोर्ट-भीषण बरसात से कलौलीजार गांव के किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें तबाही के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। एक तरफ जहां गांव के लोग मकान गिरने से सिर छिपाने की जगह ढूंढ रहे हैं तो दूसरी तरफ खेतों में लहलहाती फसलें तबाह हो गई हैं। गांव में अधिकारियों व कर्मचारियों के न पहुंचने से किसानों में उदासी छाई है।

जब गांव में हालातों की पड़ताल करने अमर उजाला टीम मौके पर पहुंची, तो जिसे देखो वह अपना दु:ख-दर्द पहले बताना चाहता था। किसानों का कहना है कि रबी फसल सूखे में चौपट हो गई। किसी तरह जुगाड़ करके 70 फीसदी जमीन पर खरीफ की बुआई की। गांव में कुल 700 हेक्टेयर में 400.577 हेक्टेयर में फसल बोई गई है। इसमें तिल के साथ ज्वार, अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली की फसल है। साथ ही कई किसानों ने सब्जी भी बोई है। किसानों ने बताया कि गहनें, जमीन गिरवी रखकर उन्होंने फसल बोई थीैं। किसी तरह साल भर खाने के लिए अनाज खरीदकर रखा, जलभराव से वह भी बह गया।
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